
बाजपुर (ऊधमसिंह नगर)। पीपीपी मोड पर संचालित स्वास्थ्य केंद्र पहले से पटरी से उतर चुकी स्वास्थ्य सेवाओं का मखौल उड़ा रहे हैं। पीपीपी मोड में संचालित सीएचसी के डाक्टर ने प्रसव कराने आई महिला के गर्भस्थ शिशु को मृत बताकर ऑपरेशन करने की सलाह दी। परिजन महिला को निजी अस्पताल ले गए, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रांतीय उपाध्यक्ष हेमंती दुवरिया ने बताया कि बीते शुक्रवार को हरसान गांव निवासी ललित सिंह की पत्नी कांति देवी को आशा कार्यकत्री के माध्यम से प्रसव के लिए पीपीपी मोड से संचालित सीएचसी में लाया गया था, जहां महिला डाक्टर ने पहले जांच की और फिर अल्ट्रासाउंड करने के बाद बच्चे को मृत बता दिया। इसके बाद परिजन प्रसव के लिए महिला को निजी अस्पताल ले गए जहां महिला ने नार्मल डिलीवरी से स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि पीपीपी मोड से संचालित हो रहे सीएचसी में डाक्टर मरीजों को कमीशनखोरी के फेर में कई टेस्ट करा देते हैं। मामले की शिकायत स्वास्थ्य महानिदेशक से की गई है।
चिकित्सा अधीक्षक बीके तिलारा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यदि पीड़ित के पास अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट है तो वे दिखाएं। इस तरह के आरोप लगाना गलत है।
