
बनीखेत (चंबा)। हिमाचल सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ बनीखेत इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, महासचिव, राकेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुरजीत सिंह तथा अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने संयुक्त बयान में कहा है कि प्रदेश सरकार अनुबंध कर्मचारियों का शोषण बंद करके उनके साथ न्याय करे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल सरकार के विभिन्न विभागों निगमों व बोर्डों में हजारों कर्मचारी अनुबंध आधार पर लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन बोर्ड हमीरपुर या बैचवाइज भर्ती के माध्यम से वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पदों पर निर्धारित मानदंडों के अनुसार नियुक्त किए गए हैं, लेकिन वेतन भत्तों तथा अन्य सुविधाओं के मामले में इन कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। वित्त विभाग के हाल ही के आदेशों की मानें तो अनुबंध कर्मचारियों को हर साल बढ़े हुए नए मूल वेतन के अनुसार नहीं, बल्कि शुरुआती पहली वेतन वृद्धि के बराबर ही इंक्रीमेंट हर साल लगाई जाएगी, जो कि इस वर्ग के साथ सरासर अन्याय है। यही नहीं, अनुबंध नीति के अनुसार नियमित होने के बाद भी उक्त कर्मचारियों को सारी इंक्रीमेंट खत्म करके फिर से शुरुआती वेतन पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में जहां प्रदेश सरकार नियमित कर्मचारियों को वर्तमान समय में मूल वेतन का 80 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है, वहीं अनुबंध कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है। इससे अनुबंध कर्मचारियों में सरकार के प्रति खासा रोष है। उन्होंने कहा कि अनुबंध कर्मचारी सरकार से यह मांग करते हैं कि सभी अनुबंध कर्मचारियों को आगामी लोकसभा चुनावों से पहले एकमुश्त नियमितीकरण का तोहफा देकर इस वर्ग के साथ न्याय किया जाए। इसके अलावा अनुबंध नीति को सदा के लिए बंद करके न केवल वर्तमान पीढ़ी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के साथ भी इंसाफ किया जाए।
