
धर्मशाला। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला में आयोजित सीएससीए क्रिकेट ट्राफी के फाइनल मुकाबले में एचपीसीए इलेवन ने गुलशन इलेवन गगल को हराकर ट्राफी पर कब्जा जमाया। एससीए ट्राफी के फाइनल मैच में गुलशन इलेवन में पहले बल्लेबाजी करते हुए 16 ओवर में 107 रन बनाए। वहीं, गुलशन इलेवन के 108 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एचपीसीए इलेवन ने 15 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर ट्राफी पर कब्जा जमाया। समापन पर पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और शाहपुर की विधायक सरवीण चौधरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और विजेता एचपीसीए इलेवन और उपविजेता गुलशन इलेवन को इनाम देकर सम्मानित किया। सरवीण चौधरी ने कहा कि खेलों के माध्यम से हम युवा पीढ़ी को नशे से दूर रख सकते है। इस मौके पर धर्मशाला कॉलेज की एससीए को दस हजार देने की घोषणा भी। वहीं एससीए अध्यक्ष आदित्य पंडित, उपाध्यक्ष मनदीप कौर, महासचिव अरुण कुमार ने मुख्यातिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर नगर परिषद धर्मशाला के उपाध्यक्ष ओंकार नैहरिया, बीडीसी चेयरमैन सुदामनी जरयाल, गायत्री कपूर, शक्ति चड्ढा, रमेश जरयाल, एबीवीपी के इकाई सचिव ममता धीमान, ऋतंबरा धीमान, पूर्व एससीए अध्यक्ष संदीप कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विधायक घर में और मुखिया गायब
कॉलेज में सीएससीए के कार्यक्रम में शाहपुर विस क्षेत्र की विधायक और पूर्व सरकार की मंत्री सरवीण चौधरी बतौर मुख्यातिथि पहुंची। लेकिन, कॉलेज प्रशासन ने विधायक का स्वागत तो दूर कार्यक्रम में शरीक होना भी जरूरी नहीं समझा। जबकि, सीएससीए ने कॉलेज मुखिया समेत अन्य स्टाफ को भी समारोह में आमंत्रित कर रखा था। महाविद्यालय के मैदान में करीब एक घंटे तक कार्यक्रम चला रहा, लेकिन प्राचार्य या कोई भी प्राध्यापक वहां नहीं दिखा। मुख्यातिथि ने चुप्पी तोड़ते हुए भड़ास निकाल दी। सरवीण चौधरी ने कहा कि वह कॉलेज के कार्यक्रम में आई हैं। जिसके लिए उन्हें बुलाया गया है। कॉलेज मुखिया या स्टाफ के किसी सदस्य का यहां आना फर्ज बनता है, लेकिन किसी ने औपचारिकता पूरी करना भी जरूरी नहीं समझा। जिससे स्पष्ट पता चल रहा है कि कॉलेज में किस हद तक राजनीति हो रही है।
