
पधर (मंडी)। उपमंडल के घटासणी (कधार) में स्थापित बीएसएनएल का मोबाइल टावर उपभोक्ताओं के लिए आफत बन गया है। हालत यह है कि टावर के अधीन आने वाले क्षेत्रों घटासणी में जहां टावर स्थापित है, वहां पर भी पर्याप्त सिग्नल नहीं मिल रहा। ऐसे में बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को एक दूसरे से संपर्क साधने में खासी दिक्कतें हो रही हैं।
उपभोक्ताओं के अनुसार बिजली गुल होने या मौसम खराब होने पर टावर का नेटवर्क साथ छोड़ देता है। नेटवर्क समस्या से परेशान उपभोक्ताओं को मजबूरन अन्य कंपनियों के सिम कार्ड खरीदने पड़ रहे हैं। उपभोक्ता मोहन सिंह ठाकुर, रमेश कुमार, निशांत ठाकुर, मुरारी लाल, सोमनाथ, गुरदयाल सिंह, जय राम, केहर सिंह, लाभ सिंह, चंद्रपाल, रघुुनाथ, हेमराज, संतोष कुमार, हितेंद्र सिंह, प्रकाश चंद, भूप सिंह, हरि सिंह, नंद लाल, नेत्र सिंह, मोनिका ठाकुर, अमिता, अपर्णा, संतोष कुमारी, किरणा, हिमानी और हेमा ने कहा कि संचार क्रांति के सबसे बड़े उपक्रम बीएसएनएल में इस तरह के हालात होने से उपभोक्ताओं को हर रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। घटासणी में स्थापित बीएसएनएल टावर से क्षेत्र के गुम्मा, लुंढर, रवाड़ा, जनवाण, गवालन, सिल्हसवाड़, कोट, घटासणी, हार, नौशा, वदन, सनौहली, छानी, रवा, तालगहर, हियूण, उरला, करालढ़ी, कोटरोपी, सास्ती, मसवाहण, खाभल, नागणी, लूणी, सलाहणा, चुक्कू, पावो, घघवाणा, कदूंद, भेलखट सहित अन्य गांव में पहले पर्याप्त नेटवर्क उपभोक्ताओं को मुहैया था लेकिन करीब छ: माह से भी ज्यादा समय से यहां लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बैटरी बैकअप खत्म होने से दिक्कत
टावर में स्थापित बैटरी का बैक अप खत्म होने और बिजली चले जाने की सूरत में समस्या आती है। अन्य आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद और निराधार बताया। कई बार बीच में तकनीकी खराबी से समस्या हो सकती है लेकिन लंबे समय तक ऐसी कोई समस्या आड़े नहीं आई है।
