रोहांडा सीएचसी में न डाक्टर न ही स्टाफ

सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल के रोहांडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो डाक्टर है न ही अन्य स्टाफ। लैब और एक्सरे तकनीशियन न होने से मरीजों को उपचार के लिए दूर दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है। गंभीर बीमारी की हालत में मरीजों को उपचार के लिए मीलों सफर तयकर सुंदरनगर के नागरिक अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है।
लोगों को घरद्वार पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के सरकार के दावे यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांडा में हवा होकर रह गए। पूर्व की वीरभद्र सरकार के शासनकाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रोहांडा का दर्जा बढ़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किया गया था। लेकिन दर्जा बढ़ने के छह साल बाद भी यहां पर सुविधाएं मुहैया करवाने में सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। अस्पताल में वर्तमान समय में चिकित्सकों के चार पद स्वीकृत हैं लेकिन यहां पर कई माह से एक भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं। इस कारण मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा। कहने को तो अस्पताल में जांच करने के लिए लैब और एक्सरे यूनिट स्थापित की है लेकिन तकनीशियन न होने के कारण हर समय ताला लगा रहता है। अस्पताल का भवन जर्जर हालत में है। नए भवन के निर्माण के लिए पूर्व सरकार के समय में शिलान्यास तो हुआ लेकिन इसके बाद एक इंच काम भी नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी परस राम, गोविंद राम, भगत राम, देवेंद्र कुमार, नरेंद्र गुप्ता, तुला राम, सीता राम, पार्वती देवी, गंभरी देवी और सुनीता देवी ने बताया अस्पताल में चिकित्सक नियुक्त करने की ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन इस स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस कारण प्रसव के समय में महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से यहां पर तुरंत चिकित्सक और अन्य स्टाफ नियुक्त करने की मांग की है।
डेपुटेशन पर भेजे जा रहे हैं डाक्टर
खंड चिकित्सा अधिकारी रोहांडा डा. पुलजोर ने बताया रोहांडा में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए विभाग को लिखा है। वहीं मरीजों को कोई परेशानी न हो इसके लिए डेपुटेशन पर चिकित्सक रोहांडा भेजे जा रहे हैं।

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