
वेस्ट दिल्ली (राजन शर्मा): पश्चिमी दिल्ली की सुल्तानपुर माजरा विधानसभा सीट में एससी और ओबीसी वोटरों की आबादी को मिला दिया जाए तो कुल आबादी का 84 प्रतिशत बैठती है। सत्ता की चाबी आबादी के इसी हिस्से के हाथ में है।
विधायक जयकिशन इस सीट से लगातार चौथी बार जीत का दावा कर रहे हैं। लेकिन सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी संदीप कुमार उनके इस दावे पर भारी पड़ सकते है। जिसका फायदा भाजपा की महिला उम्मीदवार और पार्षद सुशीला बागड़ी को मिल सकता है।
आप के प्रत्याशी संदीप कुमार स्थानीय उम्मीदवार है और लंबे समय से लोगों से जुड़े हैं, जिस कारण से वह कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। दूसरी ओर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं खस्ताहाल हैं। जिसे लेकर लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि विधायक ने विकास किया है बावजूद बिजली, पार्को की स्थिति, पेयजल की समस्या और खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाएं क्षेत्र के लोगों को परेशान किए हुए हैं।
पेयजल की समस्या कुछ इलाकों में गंभीर समस्या का रूप ले चुकी है। इन इलाकों में कई-कई दिन पानी के इंतजार में बैठना पड़ता है और कई बार गंदा पानी परेशानी बढ़ा देता है। जिससे निपटारे के पक्का वादा करने वाले प्रत्याशी के समर्थन में ही स्थानीय लोग वोट देने का मन बना रहें है।
उधर, भाजपा प्रत्याशी व क्षेत्रिय पार्षद सुशीला बागड़ी कानून व्यवस्था, उच्चतर शिक्षा और पेयजल की समस्या को प्रमुख मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रही है। उनके लिए सबसे फायदे की बात उनके ससुर नंदराम बागड़ी की छवि है।
जो पिछले चुनावों में भाजपा के प्रत्याशी भी थे। सुशीला का कहना है कि विधानसभा के लोग विधायक से परेशान आ चुके हैं और अब बदलाव लेकर आना चाहते है। इसके उलट विधायक जयकिशन का कहना है कि क्षेत्र में जिन इलाकों में विकास किया गया है, वहां से लोगों का उन्हें समर्थन मिल रहा है जिससे उनका चौथी बार विधानसभा पहुंचना तय है।
