
कंडाघाट में कोटवासियों ने बीडीओ ऑफिस में हल्ला बोला
कंडाघाट (सोलन)। शमशानघाट के निर्माण के लिए स्वीकृत एक लाख के बजट पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कोट पंचायत के ग्रामीणों ने बीडीओ कार्यालय कंडाघाट में हल्ला बोला। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक लाख का फंड मंजूर होने के बाद भी बीडीओ कार्यालय से फंड काम के लिए जारी नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों की अगुवाई कर रही पंचायत प्रधान सुनीता रोहाल ने कहा कि फंड इश्यू न होने से नाराज पंचायत के लोगों ने बीडीओ कार्यालय को घेरा है। जब तक फंड जारी नहीं होता तब तक घेराव जारी रहेगा। पैसे को शीघ्र जारी करने के ग्रामीणों ने ज्ञापन भी सौंपा। वहीं चेताया कि अगर पैसा जारी नहीं किया तो जल्द सीएम कार्यालय में जाकर घेराव होगा। आरोप लगाए कि बीडीओ कार्यालय में कर्मचारी और अधिकारी जमीन का विवाद फंड जारी न होने का कारण बता रहे हैं। वहीं हकीकत यह है कि सभी किसी राजनीतिक दबाव में हैं। इस दौरान खेमचंद उपप्रधान, पूर्व प्रधान संत राम, सुखदेव के अलावा अमर चंद, प्रीतम सिंह, पद्म सिंह, देवेंद्र, जसवंत, हमीर सिंह, यशवीर, बलदेव, राजेंद्र, जीतराम, मनी राम, गीता राम, राजेंद्र सिंह, अर्जुन, दिलीप सिंह, अमर चंद, बलदेव, इंद्र सिंह, सोहन सिंह, सुरेश कुमार, शीश राम, संतराम, केशव राम, विजय कुमार, यशवंत, रमेश चंद, प्रम चंद, परस राम, वीरेंद्र सिंह, रमेश्वर, वीरेंद्र, चेत राम, प्रेम कुमार और बिशन दत्त मौजूद रहे।
यह है मामला
30 सितंबर 2012 को एमपी फंड से कंडाघाट बीडीसी को विकास कार्य के लिए पांच लाख रुपये मिले। इसी में से एक लाख रुपये कोट पंचायत के री के नाले में बनने वाले शमशान घाट के लिए स्वीकृत किए गए थे।
कोई राजनीतिक दबाव नहीं : बीडीओ
बीडीओ भुवन शर्मा का कहना है कि शमशानघाट बनाने को लेकर जगह के लिए विवाद चल रहा है। इसी वजह से पैसा रोका गया है। 8 दिसंबर को मौके का मुआयना किया जाएगा। यदि कोई विवाद न हुआ तो पैसा सपुर्द कर दिया जाएगा। राजनीतिक दबाव होने की बात को उन्होंने सिरे से खारिज किया।
