उपतहसील कार्यालय से तकसीम की फाइल गुम

बालीचौकी (मंडी)। उप तहसील कार्यालय से तकसीम की फाइल गायब होने से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आरटीआई से इसका खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक एक दर्जन परिवारों ने चार साल तक चली प्रक्रिया के बाद संबंधित विभाग से तरीका तकसीम रिपोर्ट पर जानकारी लेनी चाही। लेकिन उपतहसील में तैनात कर्मी उन्हें कई माह तक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी जब
कोई जवाब नहीं मिला तो आरटीआई कार्यकर्त्ता एवं समाज सेवक संतराम के माध्यम से इस बाबत आवश्यक सूचना मांगी। 15 दिन के बजाय 32 दिन बाद सूचना दी गई कि फाइल खोजी जा रही है।
इसके बाद जब प्रार्थी ने अपील के लिए मामला भेजा तो संबंधित तहसील कार्यालय से जवाब आया कि कार्यालय अभिलेख की छानबीन में पाया गया कि नायब तहसीलदार बालीचौकी के कार्यालय पत्र संख्या 1501 व 1502, 9 अगस्त 2010 द्वारा मिसल नंबर 8/2007 और 9/2007 व मुकद्दमा शीर्षक गुलाब सिंह बनाम हुकम राम के तरीका तकसीम के कागजात 11 अगस्त 2010 को प्राप्त हुए। दोनों पत्र तत्कालीन कनिष्ठ सहायक जो इस कार्यालय में वाचक के पद पर थे को आगामी कार्रवाई हेतु भेज दिए थे। संबंधित कर्मचारी ने कागजात कार्यालय डाक बही के अनुसार 11 अगस्त 2010 को प्राप्त किए। लेकिन कागजात तकसीम पीठासीन अधिकारी के पास प्रस्तुत नहीं किए। इस कारण इन मिसलों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही। प्रार्थी को जवाब में जन सूचना अधिकारी ने कहा कि मिसल नंबर 8/2007 और 9/2007 सहायक समाहर्ता द्वित्तीय श्रेणी बालीचौकी को तकसीम शक्तियां सरकार ने दी हैं। लिहाजा आप सूचना वहीं से प्राप्त करें। वहीं इस पर उपायुक्त ने दोषी बाबू के खिलाफ कार्रवाई और छानबीन के आदेश जारी किए हैं। नायब तहसीलदार जयगोपाल ने कहा कि उन्होंने हाल ही में ड्यूटी ज्वाइन की है। इस मामले की जानकारी नहीं है। इसमें अगर कोई आदेश मिलते हैं तो छानबीन के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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