
चंबा। वन एवं मत्स्य मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि प्रदेश में पूर्व की भांति ही टीडी अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बटोत गांव में 13.50 लाख रुपये से बने वन खंड अधिकारी आवास व कार्यालय तथा लिल्ह में अनुमानित 6.50 लाख की फायर गैंग हट के भवन की आधारशिला रखने के बाद उन्होंने यह बात कही। भरमौरी ने कहा कि भविष्य में कोई भी ग्राम पंचायत औषधीय पौधों को निकालने का परमिट जारी नहीं करेगी। वनों में नागछतरी व जंगली लहसुन का परमिट केवल वन अधिकारी ही जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश को लैटाना मुक्त करने के लिए वन विभाग और लोगों का सहयोग लेकर अभियान चलाया गया है। भरमौर के निचले क्षेत्रों में इसके लिए पांच लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में वन भूमि पर 40 फीसदी फलदार और 60 फीसदी पशुचारे से संबंधित पौधे रोपे जाएंगे। भरमौरी ने कहा कि इस वर्ष सांझी वन योजना के तहत चंबा सर्किल में 8.5 लाख औषधीय पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं और वनों को आग से बचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि वनों को आग से बचाने के लिए इस वर्ष 32 किमी नई फायर लाइन बनाई जाएगी। वन मंत्री ने कहा कि जिले में 132 बीट संवेदनशील होने के कारण चार फायरगैंग हट तथा तीन बीट कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं। इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल एआरएम रेड्डी ने वानिकी से जुड़े कार्यों की लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला चंबा के 37 फीसदी भूभाग में वन हैं। इन वनों को आग से बचाने के लिए पहली बार एक करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। इस अवसर पर वन क्षेत्र अधिकारी वेद व्यास ने अपनी रेंज की ओर से 11 हजार रुपये का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए वन मंत्री को भेंट किया। सीनियर सेकेंडरी स्कूल लिल्ह के बच्चों ने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान जिप सदस्य अमित भरमौरी, मैहला ब्लाक के बीडीसी उपाध्यक्ष बेलीराम तथा विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
