
शिमला। परवाणू से मशोबरा-कुफरी बाईपास तक प्रस्तावित फोरलेन की जद में शिमला शहर के सौ से अधिक भवनों के हजारों परिवार आ रहे हैं। शोघी से ढली तक फोरलेन बनने से लोग प्रभावित होंगे। ढली में शहरी गरीबों के लिए बनाए गए आशियाना प्रोजेक्ट पर भी खतरे के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं। आशियाना प्रोजेक्ट के दो ब्लाक फोरलेन की जद में हैं। नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन से फोरलेन के प्रस्तावित रूट की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण जीएस नेगी ने बताया कि प्रभावित लोगों को प्रशासन ने नोटिस जारी कर आपत्तियां और दावे पेश करने को कहा है। लोगों को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि उक्त क्षेत्रों से होकर फोरलेन गुजरना है। इसके लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाना आवश्यक है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो जिला प्रशासन के समक्ष अपना दावे पेश करे। उपमंडलाधिकारी ने बताया कि जमीन के बदले राशि देने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होगी।
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इन स्थानों पर होगा भूमि का अधिग्रहण
परवाणू-शिमला फोरलेन शोघी के पास से गुजरेगा। फोरलेन के लिए गोरोकनावन, मावरी, भोग, रघाब्व, भाड़, चढाऊ, नई, पुजारली, मजर, लग, जड़ेच, गुसान, जालफ, मैहली, शकराला, मल्याणा, शनान, चम्याणा, शुराला, मेवग, छकड़याल, बहाड और ढली में भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
19 मीटर चौड़ा होगा फोरलेन
फोरलेन को 19 मीटर चौड़ा बनाया जाना है। इसमें 14 मीटर सड़क और दोनों तरफ 2.5 मीटर जगह छोड़ी जाएगी। 2.5 मीटर स्थान पैदल चलने और ड्रेनेज सिस्टम बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।
यह होगा फोरलेन का मार्ग
परवाणू से कुमारहट्टी तक फोरलेन नेशनल हाइवे 22 से आएगा। कुमारहट्टी से सोलन के बीच टनल का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद सोलन बाईपास होते हुए फोरलेन कंडाघाट तक आएगा। यहां से एक और बाईपास बनाया जाएगा। इसके बाद कैथलीघाट से फोरलेन की दिशा बदल जाएगी। यहां से फोरलेन शालाघाट, शुंगल, मावरी (शोघी), मैहली और पुजारली से होते हुए ढली तक पहुंचेगा।
पांच टनल, पांच ओवरब्रिज बनेंगे
फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए पांच जगह टनल बनाया जाना प्रस्तावित है। कुमारहट्टी, सोलन, कंडाघाट, शोघी, तारादेवी और मशोबरा-कुफरी में सुरंग बनाई जाएगी। इसके अलावा कालका-शिमला हेरिटेज रेल ट्रैक से छेड़छाड़ नहीं करते हुए जाबली, कुमारहट्टी, चंबाघाट, कंडाघाट और शुराला खड्ड में ओवरब्रिज बनाना प्रस्तावित है।
11 बड़े पुल भी बनाए जाएंगे
फोरलेन के लिए 11 बड़े पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। इसमें अधिकांश पुल फोरलेन के लिए कंडाघाट और शोघी बाईपास पर बनेंगे।
उजड़ने से बच गया शोघी बाजार
फोरलेन के लिए परवाणू से लेकर शिमला तक दो बाईपास बनाए जाएंगे। पहला बाईपास कंडाघाट के पास और दूसरा बाईपास शोघी के पास बनाया जाना प्रस्तावित है। बाईपास बनने से शोघी और कंडाघाट बाजार उजड़ने से बच गया है।
17 किलोमीटर कम होगी दूरी
फोरलेन बनने से परवाणू से मशोबरा-कुफरी बाईपास तक करीब 17 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। वर्तमान में यह दूरी करीबन 107 किलोमीटर है। फोरलेन बनने के बाद दूरी 90 किलोमीटर रह जाएगी। शिमला से चंडीगढ़ आने-जाने में करीब पौना घंटा भी कम लगेगा।
2730 करोड़ का है प्रोजेक्ट
फोरलेन बनाने का प्रोजेक्ट करीब 2730 करोड़ है। केंद्र सरकार यह राशि जारी करेगी। फरवरी 2014 तक प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना है। 2017 तक फोरलेन को बनाना प्रस्तावित है।
