आरक्षित सीट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन

सितारगंज। ग्रामसभा में एक भी व्यक्ति अनुसूचित जाति का न होने के बावजूद प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य का पद एससी के लिए आरक्षित कर दिया गया। इससे क्षुब्ध संभावित प्रत्याशियों ने ग्रामीणों के साथ सुभाष चौक पर धरना दिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को प्रेषित ज्ञापन में तीन दिन में सुधार न होने पर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी।
वर्ष 2011 में संपन्न जनगणना में सर्वे करने वालों की लापरवाही से गुरुग्राम ग्रामसभा के 839 परिवारों की 4591 आबादी में 1059 लोगों को अनुसूचित जाति का दर्शाया गया। इसी आधार पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ग्रामसभा के प्रधान और बीडीसी पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। मंगलवार को गुरुग्राम के ग्रामीणों ने सुभाष चौक में धरना देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि विभागीय चूक के कारण लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तीन दिन में आरक्षित सीट में सुधार न होने पर आमरण अनशन किया जाएगा। ग्रामीणों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त व जिला निर्वाचन अधिकारी को इस आशय का ज्ञापन प्रेषित किया। इस मौके पर रबिन खान, विवेक तरफदार नाटू, राधा सरदार, अमित हालदार, अमल मंडल, विधान दास, तारक मंडल, राजू हालदार, गणेश वैद्य, प्रभाती विश्वास, रमला सिकदार, कंचन मंडल, विनोदिनी बाला, पुलीन मंडल, मंटू सरकार आदि थे

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