गुलदार की खाल निकालने पर चार साल का कारावास

अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद सुल्तान ने अवैध रूप से गुलदार की खाल निकाल कर अपने पास रखने के आरोप में नेपाल निवासी अभियुक्त को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत चार साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
घटनाक्रम के अनुसार वन कर्मचारियों ने 20 फरवरी 2013 को नेपाल निवासी बहादुर सिंह हाल निवासी स्यूनराकोट (हवालबाग ब्लाक) के पास गुलदार की खाल के साथ ही खाल निकालने के लिए प्रयुक्त चाकू, ब्लेड बरामद की। वन कर्मियों ने उसके घर के पास ही एक सफेद कट्टे में पेड़ के नीचे खाल विहीन गुलदार का शव बरामद किया था। शव की बरामदगी के बाद अभियुक्त बहादुर सिंह को हिरासत में लिया गया। रेंजर प्रमोद कुमार तिवारी की ओर से अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में वन जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया। वन विभाग की ओर से अधिवक्ता पीसी तिवारी ने इस मामले की पैरवी की।
अधिवक्ता ने न्यायालय में वन दरोगा भूपाल सिंह भाकुनी, वन कर्मी हरीश लाल, भुवन लाल, रेंजर प्रमोद तिवारी आदि को न्यायालय में पेश किया। इसके अलावा अभियुक्त के घर से बरामद गुलदार की खाल निकालने में प्रयुक्त चाकू, ब्लेड आदि साक्ष्य प्रस्तुत किए। पत्रावली में प्रयुक्त दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सीजेएम मो. सुल्तान ने अभियुक्त बहादुर सिंह को वन्य जीव अधिनियम के तहत चार वर्ष की कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।

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