स्कूल में खिचड़ी बना रहे गुरुजी

तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत टेपा के प्राइमरी स्कूल चंडरू में एक भी अध्यापक तैनात नहीं है। यह स्कूल डेपुटेशन पर भेजे अध्यापक के सहारे चल रहा है। इस स्कूल में लगभग 60 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल में रेगुलर अध्यापक नहीं होने के चलते बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। डेपुटेशन पर आने वाले अध्यापक का दिन बच्चों के लिए खिचड़ी तैयार करने में ही निकल जाता है। इस स्कूल में न तो अध्यापक पूरे हैं और न ही मिड डे मील वर्कर है। इससे चंडरू स्कूल की दयनीय स्थिति साफ झलकती है। ग्रामीणों तेज सिंह, अनिल कुमार, दिपू, लेख राज, दुनी चंद, धर्म सिंह, रूप लाल, राम दयाल, देवू राम, कर्म सिंह, मोती सिंह, किशोरी लाल और प्रकाश चंद का कहना है प्राइमरी स्कूल चंडरू में पिछले डेढ़ सालों से कोई भी स्थायी अध्यापक नहीं है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस स्कूल में स्थायी अध्यापक की तैनाती नहीं की जाती है, तो सभी अभिभावक अपने बच्चों को अन्य स्कूल में भर्ती करवाने के लिए मजबूर हो जांएगे। उन्होंने कहा कि स्कूल में अध्यापक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। साथ ही उनके भविष्य पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ शिक्षा को लेकर सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन स्कूल में अध्यापकों की कमी के बारे में कोई ध्यान नहीं दे पा रही है। पंचायत प्रधान ध्यान सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। इसके बाद भी अभी तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। उधर, बीपीईओ नीना शर्मा का कहना है प्राइमरी स्कूल चंडरू में अध्यापकों की कमी के बारे में शिक्षा विभाग को सूचित करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।

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