आरुषि हत्याकांड: सी.बी.आई. बनाम तलवार दंपति

आरुषि हत्याकांड: सी.बी.आई. बनाम तलवार दंपति

गाजियाबाद: आरुषि-हेमराज की हत्या नोएडा के जलवायु विहार के एल-32 फ्लैट में 15 मई 2008 की रात की गई थी। पहले नोएडा पुलिस और फिर सी.बी.आई. की दो टीमों ने इस केस की जांच की। सी.बी.आई. ने कोर्ट के सामने यह साबित करने की कोशिश की कि इस दोहरे हत्याकांड को तलवार दंपति ने ही अंजाम दिया था, जबकि राजेश और नूपुर तलवार सी.बी.आई. की हर दलील को गलत साबित करते रहे। आखिर क्या थे सी.बी.आई. के सवाल और उनके जवाब में क्या तर्क दिए तलवार दंपति ने :-

सी.बी.आई तलवार दंपति
1
*कत्ल की रात हेमराज कमरे में था ही नहीं, क्योंकि आरुषि के बिस्तर और तकिए से हेमराज के खून का निशान नहीं मिला। तलवार दंपति ने सी.बी.आई. के जवाब में तर्क दिया कि मौके से कुल 24 फिंगर प्रिंट उठाए गए थे। लेकिन उसमें से कोई भी फिंगर प्रिंट हेमराज का नहीं था।

*वारदात की रात घर में सिर्फ चार लोग आरुषि, हेमराज, राजेश और नूपुर तलवार थे। इनमें से दो की हत्या हो गई। घर में कोई बाहरी शख्स नहीं आया और न ही उसके सबूत मिले हैं। इस आधार पर सी.बी.आई. ने तलवार दंपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने ही आरुषि-हेमराज की हत्या की और फिर घर से सबूत मिटाए।

2
*अगर आरुषि के कमरे से आवाज आती तो वह सबसे पहले आरुषि के कमरे में जाते न कि हेमराज के कमरे में जो कि 40 से 50 फुट की दूरी पर था। राजेश और नूपुर ने दावा किया कि आरुषि-हेमराज के सिर पर लगी चोट गॉल्फ स्टिक से नहीं बल्कि से लगी। बचाव पक्ष ने गॉल्फ स्टिक को कोर्ट में मंगवाकर हैल्मेट वार करके ये दिखाया कि इस तरीके का घाव नहीं बन सकता है।

*आरुषि के कमरे से आवाज आने पर राजेश तलवार उठे और हेमराज के कमरे में गए। वहां हेमराज के नहीं होने पर वह आरुषि के कमरे में गए और दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखकर गॉल्फ स्टिक से उस पर वार किया। पहला वार हेमराज के सिर के पिछले हिस्से पर लगा। दूसरे हमले के दौरान हेमराज पीछे हट गया और स्टिक आरुषि के सिर पर लग गई।

3
*बचाव पक्ष ने कोर्ट में एक चादर मंगवाई और उसमें एक शख्स को लपेट कर घसीटा गया। बचाव पक्ष ने कहा कि अगर हेमराज की लाश को घसीटा जाता तो उसके शरीर पर छिलने का निशान लगता, लेकिन हेमराज के शरीर पर ऐसा कोई जख्म नहीं था। कोर्ट में कई बार पूरे सीन को ही रीक्रिएट किया गया।

*गॉल्फ स्टिक के हमले से तब हेमराज की मौत हो गई तो इसके बाद राजेश और नूपुर तलवार उसकी लाश को चादर में लपेटकर घसीटते हुए छत पर ले गए।
4
*जिस डॉक्टर दोहरे के बयान पर सी.बी.आई. सर्जिकल ब्लेड की बात कर रही है उसी डॉक्टर ने पोस्टमॉर्ट रिपोर्ट या एम्स की कमेटी के सामने ऐसी बात नहीं कही थी। इस तरह का सर्जिकल ब्लेड किसी डैंटिस्ट के पास नहीं होता।

*आरुषि और हेमराज पर पहले गॉल्फ स्टिक से हमला किया गया और उसके बाद सर्जिकल ब्लेड से दोनों का गला रेत दिया गया। सी.बी.आई. का कहना था कि चूंकि तलवार डॉक्टर हैं तो उनके पास काटने के लिए सर्जिकल ब्लेड था।

5
*अगर राजेश तलवार ने शराब पी होती तो बोतल से उनके फिंगर प्रिंट मिलते। बचाव पक्ष ने कहा कि शराब की बोतल से 5 लोगों के प्रिंगर प्रिंट मिले, लेकिन कोई फिंगर प्रिंट राजेश तलवार का नहीं था।

*हेमराज की लाश को छत पर रखने के बाद राजेश तलवार वापस फ्लैट में आए और सबूत मिटाने के दौरान उन्होंने लगातार शराब पी। शराब की बोतल पर आरुषि और हेमराज का खून भी मिला था।

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