आश्वासन मिला, लेकिन अधूरा

श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज के कर्मियों को चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने गोला बाजार में आयोजित सभा में आश्वासन तो दिया, लेकिन आधा-अधूरा। मंगलवार को जारी होने वाले शासनादेश के लिए एक माह से आंदोलित कर्मी सशंकित हैं। सोमवार से आंदोलित कर्मी अब आमरण अनशन शुरू करेंगे।
राजकीय मेडिकल कालेज में नियमितीकरण की मांग के साथ शुरू हुए आंदोलन में कर्मियों ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नियमितीकरण नहीं हो पाने पर एक कदम पीछे खींच लिया है। इसके बावजूद उनके प्रस्तावों पर शासन ने अभी तक अमल नहीं किया है। संविदा, नियत एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों का यह महासंघ एक समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग पर अड़ा है। जिसके लिए सोमवार से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
डा. हरक सिंह रावत ने दो दिनों में शासनादेश जारी कर लिए जाने की बात कही, लेकिन यह शासनादेश किस संदर्भ में होगा यह नहीं बताया। महासंघ के अध्यक्ष मनमोहन बर्त्वाल ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी को भी अपनी मांगों के लिए ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि शासनादेश में सभी वर्गों के युवाओं को एकसमान लाभ नहीं दिया गया, तो कर्मचारी आंदोलन वापस नहीं लेंगे।

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