पार्क में कौड़िया-किमसार मार्ग के नाम से दो सड़कें

कोटद्वार। राजाजी नेशनल पार्क में कौड़िया-किमसार मार्ग के नाम से दो-दो सड़कें दर्ज हैं। मगर पार्क के अधिकारियों को यह जानकारी नहीं हैं। जिस कौड़िया-किमसार मार्ग के पार्क के कायदे कानूनों में फंसने और पक्का न बनने की बात आए दिन होती रहती है, दरअसल वह मार्ग तो पार्क के वजूद में आने से पहले से ही लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित है। उसके पक्का बनने में कोई विधिक अड़चन नहीं है। यह खुलासा आरटीआई के तहत प्राप्त प्रमुख सचिव वन के पत्र से हुआ है।
प्रमुख सचिव वन रामास्वामी ने 13 नवंबर को प्रमुख सचिव लोनिवि इस संदर्भ में एक पत्र लिखा था। बंचुरी निवासी उत्तराखंड जनपंचायत के संयोजक चंद्रप्रकाश लखेड़ा ने यह पत्र आरटीआई के तहत हासिल किया। जिसमें पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर प्रखंड में कौड़िया-किमसार मोटर मार्ग के डामरीकरण की स्वीकृति विगत काफी समय से राजाजी नेशनल पार्क की परिसीमा में होने के कारण लंबित पड़े होने की बात कही गई। इसी पत्र में यह जानकारी मिली कि कौड़िया-किमसार मोटर मार्ग के नाम से राजाजी पार्क में दो मोटर मार्ग पृथक-पृथक संरेखण में विद्यमान है। पहला मार्ग कौड़िया से नदी के किनारे विदांसनी होते हुए किमसार तक जाने वाला वन मोटर मार्ग है, जबकि दूसरा मार्ग कौड़िया से पहाड़ के रास्ते बणास होते हुए किमसार तक जाने वाला लोक निर्माण विभाग का मार्ग है। राजाजी पार्क की नई और पुरानी, प्रबंध योजनाओं का अध्ययन करने पर यह पाया गया कि कौड़िया से पहाड़ के रास्ते बणास होते हुए किमसार जाने वाला दूसरा मार्ग वर्ष 1978 में ही लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित हो चुका है। इस संरेखण में लोनिवि द्वारा पूर्व में भी पक्के मार्ग का निर्माण किया गया था। इसके लिए भारत सरकार की पूर्वानुमति की आवश्यकता नहीं थी। यद्यपि उक्त हस्तांतरण के पश्चात भी हस्तांतरित क्षेत्र की विधिक स्थिति आरक्षित वन और बाद में राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत आ गया। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कौड़िया-बणास-किमसार मार्ग का प्रबंधन लोनिवि के पास ही रहेगा और इसके पुन: डामरीकरण और मरम्मत आदि कार्य संपन्न कराने में कोई विधिक अड़चन नहीं है। कच्चे मार्ग को पक्काकर डामरीकरण पर रोक केवल कौड़िया-विदासनी-किमसार वन मोटर मार्ग पर ही लागू रहेगी।
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मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। उन्हें दस्तावेज और संबंधित आदेश की प्रति मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे। तब तक वह सड़क निर्माण की मंजूरी की बात नहीं कर सकते।
—–सुबुद्धि, निदेशक राजाजी नेशनल पार्क
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पार्क के फाइनल गजट नोटिफिकेशन तक इस मार्ग को लेकर असमंजस बरकरार था। अब साफ हो गया है। मेरी चिट्ठी पर ही मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव वन से जानकारी मांगी थी। पार्क में एक नाम से दो सड़क होने से भ्रम बना रहा। पार्क के अधिकारियों को भी यह मालूम नहीं था। कौड़िया-बणास मार्ग के डामरीकरण की डीपीआर तैयार हो चुकी है। जल्द ही यह सड़क पक्की बनेगी।
——-विजया बड़थ्वाल, विधायक यमकेश्वर
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राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारियों की अज्ञानता कौड़िया-किमसार मोटर मार्ग से लाभान्वित गांवों और लोगों पर भारी पड़ रही है। जबकि पार्क की अधिसूचना और वर्किंग प्लान में यह सड़क वर्ष 1978 से ही लोनिवि के प्रबंधन में है। खुद लोक निर्माण विभाग भी इस

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