
हिमाचल की दवाएं हो रहीं फेल
सोलन। दुनिया के मानचित्र पर फार्मा हब के रूप में विकसित हो रहे हिमाचल की दवाएं देश में फेल हो रही हैं। मामूली बुखार से लेकर जीवन रक्षक दवाइयां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। इसका प्रमाण सेंटर ड्रग्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन, डायरेक्टर जनरल आफ हेल्थ सर्विसेस की तरफ से जारी इस साल की सैंपलिंग रिपोर्ट है।
जनवरी 2013 से लेकर सितंबर 2013 तक देश भर में करीब 104 प्रकार की दवाओं की गुणवत्ता परखी गई। इसमें फेल होने वाले सर्वाधिक 23 सैंपल हिमाचल के दवा उद्योगों के हैं। इसके बाद असम, चेन्नई और कोलकाता से लिए गए सैंपल फेल हुए हैं। वहीं उत्तराखंड के दवा उद्योगों के 12, जम्मू 10 और महाराष्ट्र के 07 सैंपल फेल रहे। हिमाचल में 1020 फार्मा उद्योग हैं। 537 उद्योगों के पास ओरिजनल (मुख्य निर्माता कंपनी), 418 के पास लोन (दूसरे उद्योगों में निर्माण) और 65 के पास कोपप (एक्सपोर्ट) लाइसेंस हैं।
केस 1
अगस्त 09, 2013 को यूएस फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने सेटिस्स फार्मा लिमिटेड नालागढ़ को सीजीएमपी (करंट गुड्स मैन्यूफैक्चिरंग प्रेक्टिसेस) को सही ढंग से क्रियान्वित करने की हिदायत दी। एक्पोर्ट करने वाली कंपनी के ऑडिट के दौरान वार्निंग नोटिस जारी किया गया।
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इसलिए पास नहीं हो रहे सैंपल
फेल सैंपलों में सर्वाधिक मामले दवा के साल्ट का निर्धारित मात्रा में न होना, डेजिग्नेशन टेस्ट का अभाव, मैटर रिपोर्ट का अभाव, भार में असमानता के हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण दवा बनाते वक्त मास्टर फार्मूला सही तरीके से लागू न करना है। यह तकनीकी रूप से दक्ष हाथों में कमान न होना या बैच के समय कोताही के हो सकते हैं।
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9000 करोड़ का कारोबार
देश में दवा उत्पादन (मैन्यूफैक्चरिंग कास्ट) की मार्केट में 35 फीसदी शेयर हिमाचल के उद्योगों का है। उद्योग संघ के दावे की मानें, तो भारत वर्ष में करीब 25 हजार करोड़ के कारोबार में 09 हजार का दवा कारोबार हिमाचल से ही होता है।
कोट्स——————–1
सबसे अधिक सैंपल हिमाचल के फेल हो रहे हैं। देश भर में एक समान सैंपलिंग को लेकर ड्रग कंट्रोलर आफ इंडिया को मांग पत्र सौंपा जा चुका है। सैंपल फेल होने के बाद उद्योग के कंट्रोल सैंपल को चेक करने की मांग उठाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फार्मा हब के रूप से विकसित हो रहे हिमाचल को निशाना बनाया जा रहा है।
– एचएन सिंघला, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश दवा निर्माता संघ
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डायरेक्टर जनरल आफ हेल्थ सर्विसेज से दवा नियंत्रक प्राधिकरण को ड्रग वार्निंग मिलती रहती है। प्राधिकरण उद्योगों में समय समय पर कार्रवाई करता रहता है। सैंपलिंग हर माह ली जाती है। प्राधिकरण अपनी तरफ से बेहतर कार्य कर रहा है।
-नवनीत मरवाह, ड्रग कंट्रोलर, हिमाचल प्रदेश
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फेल सैंपलों की केंद्र स्तर पर जारी सूची
दवा बैच नंबर कंपनी उत्पादन क्षेत्र सैंपलिंग
1.टेलिमेस्टिरिन एआरएचडी0029 माइक्रो लैब्स काठा बीबीएन गाजियाबाद
2. स्पेसडोर डीएफ110 जैप्सी कैमिकल सैणीमाजरा बीबीएन चेन्नई
3. पायरिक्योर (पीसीएम) जेएलटी1221 जैप्सी कैमिकल सैणीमाजरा बीबीएन चेन्नई
4. वाइबलटोन वीटीएचटी001 लेबोरेट फार्मा पावंटा साहिब आसाम
5. डीयके 11679 प्रीसून बायोटेक कंडवाल कांगड़ा आसाम
6. एलफाडोल 9641539 पनेशिया बायोटेक मल्लपुर बीबीएन कोलकाता
7. क्लेवमैक्स पीटीई0069 पोलो फार्मा इंड. एरिया सोलन कोलकाता
8. रैबी यूएलटी3257 अल्ट्राट्रेक फार्मा टिपरा बीबीएन चेन्नई
9. मैगारेब एस752887 स्काट एडिल फार्मा झाड़माजरी बद्दी असम
10. आफलेक्सोन एमएसटी13342एमसी फार्मा सूरजपूर पांवटा चंडीगढ़
11. आइब्रोप्रोफेन बीजी 137 बायोजेनिटेक झाड़माजरी बीबीएन हैदराबाद
12.सेफपोडोक्साइम 7269 रोस्टेट मेडिकेया सोलन चंडीगढ़
13.डिक्लोफेम 2के003 विजा ड्रग एंड फार्मा गुल्लरवाला कोलकाता
14. फोक्टैब एफएक्स2012 वर्धमान कालाअंब त्रिपुरा
15. वेक्मि डीटी वीएक्स2012 वर्धमान कालाअंब त्रिपुरा
16.वीसिन 250 वीसी2012 वर्धमान कालाअंब त्रिपुरा
17.अमिकर 500(इंज) एएमके2012 वर्धमान कालाअंब त्रिपुरा
18. क्लोक्सा500 (कैप) सीएस2018 वर्धमान कालाअंब त्रिपुरा
19.सोरबाइड एफ55आईसी201 बायोजेनिटेक झाड़माजरी बीबीएन
20.आईफा प्लस आईपीएचटी003 वर्धमान कालाअंब चेन्नई
21. हाइड्रोकोर्ट डीजी 3017 स्काट एडिल झाड़माजरी चंडीगढ़
22. वी डाक्स आईडी 2012 वर्धमान कालाअंब त्रिपुरा
23. जेंटा (इंज) जी72012 वर्धमान कालाअंब त्रिपु
