
चंबा। संपत्ति को लेकर चर्च में चल रहे विवाद के चलते प्रार्थना सभा से वंचित किए गए एक इसाई युवक ने मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रपति को ज्ञापन के जरिए पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाई है। साथ ही इस तनाव के चलते उसने परिवार सहित आत्मदाह करने की भी धमकी दी है। चंबा के कश्मीरी मोहल्ले में पूर्व पादरी के परिवार के युवक एमएम डेनियल ने चंबा दौरे पर आई मानवाधिकार आयोग की टीम को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि बंटवारे के समय उसके दादा पादरी के तौर पर पाकिस्तान स्थित अपने पैतृक गांव सियालकोट में पुश्तैनी संपत्ति छोड़ कर चंबा आए थे। इसके बाद उनका परिवार चंबा में ही चर्च की संपत्ति में रह रहा है। डेनियल ने बताया कि चर्च की संपत्ति को लेकर यूनाइटेड चर्च ऑफ नार्दन इंडिया व चर्च ऑफ नार्थ इंडिया में विवाद चल रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यूनाइटेड चर्च ऑफ नार्दन इंडिया के पक्ष में फैसला भी सुना दिया है। उनका परिवार भी इसी विवाद के कारण दूसरे पक्ष की आंखों की किरकिरी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 17 नवंबर को उन्होंने अपने आवास पर अपनी दिवंगत माता के देहांत के एक वर्ष होने पर प्रार्थना सभा रखी थी। इसके लिए उसकी बहन ने चर्च के पादरी सहित समुदाय के बाकी लोगों को घर-घर जाकर सूचित किया था। इसके बावजूद उनके घर प्रार्थना सभा में शामिल होने कोई नहीं पहुंचा। डेनियल ने बताया कि इस तरह उनके धर्म और मानवता के अधिकार का हनन करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। इससे पूरा परिवार आहत है और संपत्ति के विवाद में धार्मिक रस्मों से किनारा करने की इस घटना से आहत होकर उन्होंने निर्णय लिया है कि अगर इस मामले में उचित कार्रवाई न की गई तो उनके परिवार को पाकिस्तान में उनकी संपत्ति का हक दिलवाकर, वहीं वापस भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग पर विचार नहीं किया जाता है तो वे परिवार सहित आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगे।
