हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी एकता

खटीमा। राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कोषाध्यक्ष एकता रस्तोगी ने प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा उनके निष्कासन को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का मन बना लिया है। रस्तोगी ने निष्कासन को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के शिक्षकों द्वारा चुना गया है न कि अध्यक्ष एवं महामंत्री के द्वारा। दोनों को उनके निष्कासन का कोई अधिकार नहीं है। प्रेस को जारी बयान में रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश कार्यकारणी से आय व्यय का हिसाब मांगने पर ही अध्यक्ष और महामंत्री उखड़ गए। महामंत्री ने संघ के पूरे पैसे को निजी एकाउंट में जमा किया हुआ है। जो कि पूरी तरह असंवैधानिक है।

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