चुनिंदा स्थानों के माल का ढुलान करेंगे ट्राले

बरमाणा (बिलासपुर)। ट्रक ऑपरेटर परिवहन सहकारी सभा बीडीटीएस के माध्यम से बरमाणा फैक्टरी से ढुलान कर रहे ट्रालाें (मल्टी एक्सल गाड़ियां) को अब चुनिंदा स्थानों के लिए ही ढुलाई कार्य मिलेगा। बीडीटीएस प्रबंधन ने हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए शुक्रवार को यह फरमान जारी किया है। इससे ट्राला ऑपरेटरों में खलबली मची है।
बरमाणा फैक्टरी से ढुलान कर रही बीडीटीएस में कई ट्राले भी चल रहे हैं। आम ट्रक ऑपरेटरों ने इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका तर्क था कि एक ट्राले में दो ट्रकों का माल ढोया जा रहा है। इससे छोटे ट्रकों को काम के लाले पड़ रहे हैं। यह मामला अदालत में विचाराधीन है, लेकिन वर्ष 2011 में हाईकोर्ट ने ट्राला ऑपरेटरों को राहत देते हुए फैसला न होने तक उन्हें भी ढुलान कार्य देने के आदेश दिए थे। इस आधार पर ट्रालों को भी नियमित रूप से ढुलान मिलता रहा। बताया जा रहा है कि कुछ ट्रक ऑपरेटर अदालत के आदेश सही ढंग से लागू न होने की बात कहते हुए कोर्ट की शरण में पहुंच गए थे। इसके चलते शुक्रवार को बीडीटीएस प्रबंधन ने ट्रालों को केवल खानपुर खुई व आनंदपुर डंप तथा क्लिंकर ढुलान का कार्य देने का ऐलान कर दिया।
ट्राला ऑपरेटरों ने बीडीटीएस प्रबंधन पर तानाशाही व मनमानी का आरोप लगाया है। शुक्रवार की शाम आयोजित बैठक में ट्राला ऑपरेटर यूनियन के प्रधान रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि अदालत ने यह भी कहा था कि कोर्ट की सहमति के बगैर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। प्रबंधन ने ट्राला ऑपरेटरों के काम पर कैंची चला दी है। वे इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर, बीडीटीएस के महासचिव राजपाल गौतम ने कहा कि हाईकोर्ट ने ट्रकों व ट्रालों को औसत के आधार पर काम देने के निर्देश दिए हैं। उन्हीं को लागू किया गया है।

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