73वां और 74 वां संविधान संशोधन लागू हो

अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोक वाहिनी ने 73वां और 74 वां संविधान संशोधन लागू कर पंचायतों और निकायों को अधिकार संपन्न बनाने, वन अधिकार कानून 2006 लागू करने की मांग उठाई है। पार्टी ने कहा है कि दिसंबर दूसरे पखवाड़े में प्रदेश भर में यात्राएं कर मांगों के पक्ष में जनमत तैयार किया जाएगा। जनता से पंचायत चुनाव में उन्हीं उम्मीदवारों को सफल बनाने की अपील की जाएगी जो इन कानूनों का समर्थन करेंगे।
देहरादून से लौटकर यहां पत्रकार वार्ता में डा. शमशेर सिंह बिष्ट ने राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून में उपवास पर बैठे विभिन्न जन संगठनों के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने कहा उपवास में बैठी महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके साथ बरबरता की गई। जेल में बंद आंदोलनकारियों को पानी तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 28 सरकारी विभागों को पंचायतों के अधीन करने का कानून बनवाया, लेकिन प्रदेश सरकार उदासीन बनी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों को जल, जंगल, जमीन के हक से वंचित कर दिया गया है। जिसका परिणाम गढ़वाल मंडल में भीषण त्रासदी के रूप में सामने आया है। दिल्ली की कंपनियों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में फैब्रिकेटेड भवन बनाए जा रहे हैं। कड़ाके की ठंड में इन भवनों में प्रभावित कैसे रहेंगे यह समझ से परे है। इस मौके पर पूरन चंद्र तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, शमशेर जंग गुरुंग, जंग बहादर थापा, कमलेश थापा मौजूद थे।

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