जीना मुश्किल कर दिया इस महंगाई ने

नूरपुर (कांगड़ा)। महंगाई की चक्की में पिस रहे आम आदमी को कहीं से भी राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है। दालों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे थे और अब सब्जियों की चढ़ती कीमतों ने लोगों को आफत में डाल दिया है। सब्जी विक्रेता भी सब्जियों के मनमाने दाम वसूल रहे हैं। बाजार में सब्जियों के दाम पर गौर फरमाएं तो हरे मटर और शिमला मिर्च 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।वहीं, हरी सब्जी में इस्तेमाल होने वाले प्याज के भाव करंट मार रहे हैं। सब्जियों का राजा आलू भी थाली से गायब होने लगा है। प्याज 80 रुपये प्रति किलो तथा आलू 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इससे हर वर्ग परेशान है। बीते सप्ताह 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू 30 रुपये प्रति तक पहुंच गया है, वहीं प्याज पिछले एक-डेढ़ महीने से 60 रुपये पर टिकने के बाद यकायक 20 रुपये बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। जबकि अदरक, लहसुन और टमाटर के दाम भी अब डराने लग पड़े हैं। बाजार में अदरक 160 रुपये और लहसुन 50 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जियों में गोभी 50 से 60 रुपये, भिंडी 30 से 40 रुपये, अरबी 60 रुपये, फ्रांसबीन 60 से 80 रुपये, पालक 25 से 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। स्थानीय लोगों में राज कुमार शर्मा, सोमराज, सुमीत शर्मा, अशोक कुमार, गिरधारी लाल, परमजीत सिंह, ज्योति, अंजू शर्मा, सुषमा देवी, सुनीता, आशा रानी का कहना है कि दाल और सब्जियों की आसमान छूती कीमतों से रसोई का पूरा बजट गड़बड़ाने लगा है। पहले जहां दिन में दो वक्त सब्जी बनती थी, अब दिन में सिर्फ एक बार बन रही है। सब्जी विक्रताओं की मानें तो इस समय मंडी में लोकल सब्जियों की आमद कम होने के चलते ज्यादातर सब्जियां कुल्लू, मनाली, सोलन और शिमला से सप्लाई हो रही है। जिसके चलते सब्जियों के दाम तेज चल रहे हैं।

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