रावी किनारे फोटोग्राफी करना पड़ा महंगा

चंबा। जिले में दो दिन हंसी-खुशी से बिताने वाले हरियाणा के फतेहाबाद कालेज के ग्रुप के लिए मंगलवार का दिन दर्द लेकर आया। कालेज के दो शिक्षकों के साथ चंबा की हसीन वादियों को निहारने के लिए आए 30 विद्यार्थी मंगलवार शाम को वापस लौटने वाले थे। चंबा से लौटने से चंद घंटे पहले सभी विद्यार्थियों के चेहरों से खुशी जाती रही। फोटो खिंचवा रहे कालेज के विद्यार्थी को रावी के जानलेवा पानी की जानकारी न होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। जिला व पुलिस प्रशासन की चेतावनी को भी नजरअंदाज किया गया। रावी नदी के पास लगे चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज कर रावी नदी के किनारे अठखेलियां करने का शौक इससे पहले भी कई लोगों को मौत के मुंह में धकेल चुका है। रावी की लहरों के समीप जाकर फोटो खिंचवाने की चाह में कई पर्यटक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ चुके हैं। इसमें खास बात यह है कि रावी नदी के किनारे जाकर जितने भी लोगों ने अपनी जान को जोखिम में डाला है, उनमें एक भी हिमाचली नहीं है। रावी नदी की लहरों में अधिकतर पंजाब, हरियाणा, गुजरात व दिल्ली राज्यों के पर्यटक ही फंसे हैं। इनमें कुछ लोगों को तो अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा है। हरियाणा के फतेहाबाद जिले से कालेज के सहपाठियों के साथ आए युवक के साथ भी कुछ ऐसा ही हादसा हुआ है। कालेज के शिक्षक विनोद का कहना है कि वे तीन दिन के दौरे के लिए चंबा, खज्जियार, डलहौजी का भ्रमण करने के लिए आए थे और मंगलवार शाम को सारा दल हरियाणा वापस लौटने वाला था। बहरहाल रावी नदी के किनारे पर्यटकों के साथ हो रही अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को कोई ठोस कदम उठाना जरूरी हो गया है। उधर, डीएसपी जितेंद्र चौधरी ने बताया कि लोगों को रावी नदी के किनारे न जाने के लिए कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। समय-समय पर लोगों को नदी के किनारे न जाने के बारे में भी लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचित किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को रावी नदी के किनारे जाने से बचना चाहिए।

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