
शिमला। मनरेगा योजना में ‘कनवर्जेंस’ की नई व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार सख्त हो गई है। केंद्र ने हिमाचल सरकार को कहा है कि वह इस नई व्यवस्था के तहत हिमाचल में हुए कार्यों की समीक्षा करे। इसके लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग ने हिमाचल सरकार को दो माह यानी दिसंबर तक श्रम बजट का अनुमान भेजने को कहा है। आगामी वित्त वर्ष से मनरेगा के तहत इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश हुए हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के पत्र में कहा गया है कि कनवर्जेंस को वर्ष 2014-15 के लिए लेबर बजट का प्रबंध इसी वर्ष दिसंबर अंत तक किया जाए। मंत्रालय ने विभिन्न विभागों की मनरेगा के साथ कनवर्जेंस को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। इनको लेकर समीक्षा करने को कहा है कि इन्हें लागू किया जा रहा है या नहीं। इस व्यवस्था के लागू होने से मनरेगा के तहत आधारभूत ढांचा खड़ा करने और रोजगार दिलाने का काम तीव्र होगा। मनरेगा-एनबीए कनवर्जेंस से व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाने सहित कई अन्य कार्यों के लिए इस नई व्यवस्था का इस्तेमाल हो सकता है।
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क्या है कनवर्जेंस
कनवर्जेंस यानी मनरेगा के बजट से अन्य विभागों के कार्योें को अंजाम देने से है। इसके लिए लेबर का बजट मनरेगा के तहत ग्रामीण विकास विभाग वहन करेगा, जबकि प्रयुक्त सामग्री संबंधित विभाग की होगी। मनरेगा के तहत जॉबकार्डधारक कामगार विभागीय कार्यों को अंजाम देेंगे। इससे विभागों में श्रमिकों की कमी दूर होगी और उनके निर्माण कार्य गति पकड़ेंगे। इस कनवर्जेंस से लोेक निर्माण, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, वन आदि कई विभागों के कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा सकेगा। मनरेगा कामगारों को भी काम मिलेगा।
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28 को बुलाई बैठक
‘केंद्र सरकार से कनवर्जेंस पर समीक्षा के जो निर्देश मिले हैं, उसके तहत ग्रामीण विकास विभाग ने 28 अक्तूबर को एक विशेष बैठक बुलाई है। इसमें कई विभागों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। इसके लिए लेबर बजट को लेकर भी दिसंबर से पहले-पहले केंद्र को अवगत करवा दिया जाएगा।’-जेसी चौहान, निदेशक, ग्रामीण विकास विभाग
