
महादेव (मंडी)। सुंदरनगर उपमंडल के डोलधार क्षेत्र में हजारों ग्रामीण पीने के पानी की भारी किल्लत झेलने को मजबूर हैं। क्षेत्र को पानी की आपूर्ति करने वाली पचास वर्ष पुरानी एकमात्र घीड़ीनालू पेयजल योजना ठप पड़ गई है। करोड़ों की लागत से बनी इस योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को समस्या से जूझना पड़ रहा है। पंचायत की ओर से कई बार प्रस्ताव पारित कर विभाग से स्कीम की रिपेयर करवाने की मांग की जा चुकी है।
नाचन विधानसभा क्षेत्र के डोरधार में घीड़ीनालू पेयजल योजना के ठप होने से करीब पांच हजार लोग पेयजल किल्लत झेलने को मजबूर हैं। पचास वर्ष पुरानी इस योजना से पौड़ाकोठी सहित डोलधार, फंगवास, खगराओं, फगराओ और भलाणा के करीब एक सौ से अधिक गांवों को पीने के पानी की सप्लाई करने की व्यवस्था की थी। इस योजना में फिल्टर टैंक का निर्माण भी नहीं किया था। अब इस योजना की वितरण पाइप लाइन भी
गलसड़ चुकी है। विभाग ने इस योजना को पंद्रह साल के लिए बनाया था। इसके बाद इसकी रिपेयर और क्षमता में बढ़ोतरी करनी प्रस्तावित थी। लेकिन पौड़ाकोठी के कुछ लोग इस योजना की रिपेयर में अड़ंगा डाल रहे हैं।
डोलधार निवासी प्रेम, भगत राम, गोविंद राम, टेक चंद, गर्वधन, वार्ड पंच हिमावती और रोमिला देवी ने बताया कि क्षेत्र के पांच हजार से अधिक लोगों के घरों में पानी की भारी किल्लत है। बताया कि लोग दूरदराज की बावड़ी और हैंडपंप के पानी को सिर पर उठाकर लाते हैं।
डोलधार पंचायत के उपप्रधान रमेश चंद ने बताया कि इस योजना में कभी कभार आने वाला पानी बेहद गंदा होता है। पंचायत प्रधान कर्म चंद चौहान ने बताया कि क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या को ग्रामसभा में भी उठाया था। पानी की समस्या पर कई बार प्रस्ताव पारित कर आईपीएच विभाग को भेजकर सुधार की मांग की गई। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
आईपीएच विभाग धनोटू उपमंडल के सहायक अभियंता अरुण शर्मा ने बताया कि इस योजना की पौड़ाकोठी के दायरे से आ रही पाइप लाइन बदलते समय वहां के लोगों ने इनकार कर दिया है। इस कारण अभी समस्या दूर करने में परेशानी आई है। कहा कि अगर लोग नहीं माने तो इस मामले पर प्रशासन की मदद भी ली जाएगी। विभाग इस मामले को शीघ्र सुलझा कर पानी आपूर्ति बहाल कर देगा।
