
धर्मशाला। प्रदेश में सेटेलाइट टाउन बनाने की मुहिम ठंडी पड़ गई है। दरअसल प्रदेश में इसके लिए पर्याप्त भूमि ही नहीं मिल पा रही है। धर्मशाला में सराह के पास हिमुडा ने 200 कनाल के करीब भूमि का चयन किया है। लेकिन, उसमें भूमि को हस्तांतरित करने का पेंच फंस गया है। जबकि मंडी, ऊना, हमीरपुर और शिमला में 100 से 150 कनाल भूमि तक ही चयनित हो पाई है। हालांकि, हिमुडा ने विभिन्न स्थानों पर 60-80-100 कनाल तक भूमि चयनित की है। हिमुडा की साइट सेलेक्शन कमेटी बीते पांच माह से भूमि चयन में लगी हुई है। सरकार ने हिमुडा के निदेशकों की ड्यूटी लगाई है, लेकिन इतने समय के बाद भी कहीं भी भूमि का चयन नहीं हो पाया है। अब तक कमेटी ने मंडी के सुंदरनगर में 50 कनाल, पालमपुर के राख में 150 और चच्चियां में 80 कनाल तथा ऊना के अंब के पास स्थित रक्कड़ में 100 कनाल भूमि देखी है। लेकिन, अभी तक फाइनल मुहर किसी पर भी नहीं लग पाई है। जिसके चलते प्रदेश में सेटेलाइट टाउन स्थापित करने की मुहिम ठंडी पड़ती दिख रही है। आवास एवं शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने हाल ही में प्रदेश में सेटेलाइट टाउन स्थापित करने की घोषणा की है।
कमेटी प्रदेश भर में कर रही निरीक्षण : दिनेश
हिमुडा के धर्मशाला स्थित नॉर्थ जोन के अधीक्षण अभियंता दिनेश कश्यप का कहना है कि साइट सेलेक्शन कमेटी प्रदेश भर में निरीक्षण कर रही है।
चयनित भूमि पर बनेगा मिनी सेटेलाइट टाउन : निदेशक
हिमुडा के निदेशक सुरेश धीमान का कहना है कि प्रदेश भर में भूमि का निरीक्षण किया जा रहा है। लेकिन, पर्याप्त भूमि चयनित नहीं हो पाई है। जिसके चलते सेटेलाइट टाउन स्थापित करने की मुहिम में कुछ विलंब हो रहा है। जो भूमि चयनित की गई है, उस पर जल्द ही मिनी सेटेलाइट टाउन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
