
मंडी। डीसी देवेश कुमार ने सोमवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नगर परिषद मंडी के सात वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कचरा इकट्ठा करने की योजना चल रही है। इसमें लोग योगदान दे रहे हैं। उन्होंने मंडी में बनाए जाने वाले पार्किंग कम कमर्शियल कांप्लेक्स की प्रक्रिया भी तेज करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही शहर में अन्य स्थानों पर जमीन तलाश करने को कहा है ताकि वहां पार्किंग बनाई जा सके।
यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए उन्होंने पुलिस और नगर परिषद मंडी के अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। कहा कि लोगों को वाहन तय स्थलों पर ही पार्क करने को प्रेरित करें। शहर में रेहडी-फहड़ी भी निश्चित स्थानों पर ही लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में महामृत्युजंय मंदिर के पास स्थित बस ठहराव पर एक समय में केवल एक या दो बसें खड़ी की जाएंगी। कोई भी बस दो मिनट से अधिक समय तक खड़ी नहीं रहेगी। जिले में 11 गौसदन चलाए जा रहे हैं। इनमें करीब 460 गायों को रखा है। इन गौ सदनों में रखी गई गायों का पशुपालन विभाग के अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करते हैं। आवारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य जारी है। मंडी जिले में बंदरों की बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश लगाने के मकसद से कांगू में बंदर नसबंदी केंद्र की स्थापना की गई है।
उन्होंने कागंणी में बनाए जाने वाले बहुउद्देशीय हाल का निर्माण जल्द करने को कहा। अधिकारियों से आह्वान किया कि वे विकास कार्यों में तेजी लाएं। इससे लोगों को योजनाओं का जल्द लाभ मिल सकेगा। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज राय, एएसपी कुलदीप राणा और एसडीएम शुभकरण सिंह मौजूद रहे
