
निजी लैबों में बिना मान्यता हो रहे डेंगू के टेस्ट
सोलन। जिला में स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैबों में हो रहे डेंगू के टेस्ट को चुनौती दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह टेस्ट नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे हैं। बिना एनएबीओ (नेशनल एफ्लिेशन बोर्ड ओर्गेनाइजेशन) के कई लैबों में इस खतरनाक बीमारी के टेस्ट हो रहे हैं। एक मामले की जांच के बाद विभाग ने यह खुलासा किया है। जिसमें निजी लैब में टेस्ट पाजिटिव यानी रोगी डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं और सरकारी टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव है। यह मामला बीबीएन का है। लिहाजा विभाग ऐसे निजी लैबों को चिहिंत कर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा उदित कुमार के मुताबिक बीते दिनों बद्दी क्षेत्र में एक ही गांव के 17 लोगों को डेंगू रोग के लक्षण होने की अफवाह के चलते स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो चुका है। रिपोर्ट तलब की गई है और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र का दौरा किया है। इस दौरान निजी लैबों में चल रहे इस गोरखधंधे का पता चला है। उन्होंने दावा किया है कि अधिकांश निजी लैब बिना मान्यता के डेंगू के टेस्ट कर रही हैं, जो नियमों के विरुद्घ है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे लैबों को चिहिंत करके नोटिस थमाने की तैयारी में है।
यह दिया तर्क
जिला स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार लोगों ने निजी लैबों में टेस्ट करवाकर क्षेत्र में अफवाह फैलाई। वहीं स्वास्थ्य विभाग के टेस्ट में सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिला में अब तक एक भी केस डेंगू का नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक दो लोगों को डेंगू निकला है। केस हिस्ट्री में पता चला है कि दोनों बीबीएन के निवासी हैं, लेकिन वह मौजूदा समय में दिल्ली रह रहे हैं। उनका इलाज पीजीआई में चल रहा था। जिसकी रिपोर्ट पीजीआई प्रबंधन ने जिला स्वास्थ्य विभाग को दी थी।
डेंगू के लक्षण
डेंगू होने पर व्यक्ति को तेज बुखार आता है। शरीर में लाल धब्बे पड़ जाते हैं तथा धब्बों से खून निकलना शुरू हो जाता है। केवल एडिज इजिप्ट मच्छर के काटने से ही डेंगू हो सकता है। डेंगू हेमोरेजिक होने पर व्यक्ति की जान भी जा सकती है।
कहां-कहां हैं टेस्ट सुविधाएं
जिला के सभी ब्लॉक अस्पतालों में डेंगू के टेस्ट मुहैया हैं। जिनमें सोलन, परवाणू, धर्मपुर, बद्दी, नालागढ़, सायरी, कुनिहार, अर्की, कंडाघाट और चायल प्रमुख हैं। इन अस्पतालों में डेंगू की पूरी किटें उपलब्ध हैं और यहीं के टेस्ट मान्य होंगे। वहीं एनएबीओ की संबंद्धता वाली निजी लैब ही मान्य होगी।
