
शिमला। सूबे में जेबीटी कोर्स करना महंगा हो सकता है। दस से बीस फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। अब तक करीब 25 हजार में यह कोर्स हो जाता है। निजी जेबीटी संस्थानों ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसे सरकार को भेजा गया है। सरकार ने कमेटी का गठन किया है। संयुक्त निदेशक एलीमेंटरी शिक्षा आशीष कोहली इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में इनके अलावा विभाग के अधिकारियों और सचिवालय के अधिकारी भी शामिल किए हैं। कमेटी शीघ्र ही निजी जेबीटी संस्थानों का दौराकर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी। विभाग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगामी फैसला लेगा। वर्तमान में निजी जेबीटी संस्थान से कोर्स की फीस 25 हजार रुपये है। इसके साथ ही सब्सिडाइज्ड सीट की फीस 15 हजार रुपये है।
कोर्स का बैच दो साल के बाद बैठता है। डाइटों के अलावा निजी जेबीटी संस्थानों में बैच चलता है। राज्य में करीब सोलह निजी जेबीटी संस्थान चल रहे हैं। हर जिले में डाइट भी है। हर बैच में 2300 से ज्यादा प्रशिक्षु बैठते हैं। राज्य में इससे पहले बीएड की फीस में पिछले साल ही बढ़ोतरी हुई है। इसी आधार पर जेबीटी संस्थानों के संचालकों ने भी फीस बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। संस्थानों की ओर से मिले प्रस्ताव में फीस में दस से बीस फीसदी तक के इजाफे की प्रस्तावना की है। कमेटी दीवाली के बाद संस्थानों का दौरा कर विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
निदेशक एलीमेंटरी अशोक शर्मा ने माना कि निजी जेबीटी संस्थानों से फीस बढ़ाने का प्रस्ताव आया है। इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी शीघ्र ही संस्थानों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। इसके बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकेगा।
