
धर्मशाला। भाजपा की लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की मुहिम धर्मशाला मंडल में ठंडी पड़ गई है। सोमवार को हुए अभ्यास वर्ग में पार्टी में गुटबंदी दिखी। मंडल भाजपा के 85 बूथ हैं लेकिन इन बूथों में से मात्र 22 के ही प्रभारी अभ्यास वर्ग में भाग लेने पहुंचे। इसके अलावा दो दर्जन के करीब ग्रामीण शक्ति केंद्रों के मात्र छह प्रभारियों ने ही अभ्यास वर्ग में भाग लिया। यह अभ्यास वर्ग विशेष रूप से बूथ और ग्राम शक्ति केंद्र प्रभारियों के लिए आयोजित किया गया था। पार्टी का उद्देश्य था कि बूथों को मजबूत किया जाए। अभ्यास वर्ग में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने भी कार्यकर्ताओं से बूथों को मजबूत करने का आह्वान किया लेकिन अभ्यास वर्ग से आधे से ज्यादा प्रभारी नदारद थे।
प्रभारियों के नदारद रहने को गुटबाजी से जोड़ा जा रहा है। धर्मशाला में लोगों में चर्चा रही कि शांता के गढ़ कांगड़ा में भाजपा को एक बार फिर से गुटबाजी का सामना करना पड़ सकता है। इसका नुकसान लोकसभा चुनाव के परिणामों में देखने को मिलेगा। धर्मशाला भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश अटवाल का कहना है कि जल्द ही सभी प्रभारियों की मीटिंग बुलाकर उनसे जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि खेतों का काम होने के कारण भी प्रभारी न पहुचे हों लेकिन उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
