ऑनलाइन डेक्लेरेशन नहीं तो 25 फीसदी जुर्माना

मंडी। प्रदेश सरकार ने राजस्व बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने के साथ ही व्यापारियों को सिस्टम से जोड़ने के लिए पहली अक्तूबर से छह और उत्पादों को आनलाइन डेक्लेरेशन की श्रेणी में शामिल कर दिया है। व्यापारी को सामान डिस्पैच करने से पहले आबकारी एवं कराधान विभाग की वेबसाइट पर वैट-26 पर बिल को लेकर आनलाइन डेक्लेरेशन करना जरूरी होगा। इसका पालन न करने वालों को 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।
व्यापारियों को पहले सितंबर 2012 से आयरन-स्टील और पलाई सनमाइका की बिक्री पर आनलाइन डेक्लेरेशन करनी पड़ती थी। पहली अक्तूबर से सरकार ने आनलाइन डेक्लेरेशन में छह और उत्पादों को शामिल किया है। इसमें दवाइयां, फर्नीचर, इमारती लकड़ी, मारबल, खाद्य तेल और बिजली का सामान शामिल है। इन उत्पादों पर 30 हजार या उससे ऊपर की बिक्री पर विक्रेता को बिल की आनलाइन डेक्लेरेशन करना जरूरी है। इसके बाद ही सामान को डिस्पैच किया जा सकता है। सामान का बिल कटने के बाद भी यदि आनलाइन डेक्लेरेशन नहीं की है तो पकड़े गए सामान पर विक्रेता से 25 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा।
सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त राकेश भारती ने बताया कि छह और उत्पादों को पहली अक्तूबर से आनलाइन डेक्लेरेशन में शामिल किया गया। व्यापारी किसी भी डीलर और कस्टमर को सामान बेचता है तो बिल की आनलाइन डेक्लेरेशन करनी जरूरी है। अन्यथा 25 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। इस बारे में सभी व्यापारियों को दिशानिर्देश दिए हैं। आनलाइन डेक्लेरेशन का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी रोकने के साथ व्यापारियों को सिस्टम से जोड़ना है। इससे विभाग के पास भी बिक्री का डाटा तैयार होगा।

अधिकारियों की शक्तियां बढ़ाईं
मंडी। प्रदेश सरकार ने ईटीओ या उससे ऊपर के अधिकारियों को कुछ और शक्तियां प्रदान की हैं। इसमें ईटीओ अपने क्षेत्र के बाहर कहीं भी सड़क और ट्रांसपोर्टर का सामान चेक कर सकते हैं। वृत्त में तैनात ईटीओ को माह में दो बार अपने सर्किल से बाहर चेकिंग करनी होगी। फ्लाइंग स्क्वायड टीम को महीने में पांच बार क्षेत्र से बाहर चेकिंग करना अनिवार्य किया गया है।

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