
हल्द्वानी। कालाढूंगी में नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर लाल मिट्टी के पास रविवार शाम हुई भीषण दुघर्टना में सिर्फ दस फिट में 15 मौतें हुई हैं। यदि कैंटर की जगह बस होती तो शायद दुघर्टना में एक भी नहीं मरता। क्योंकि बस में छत और सीटें होती है। इसमें न छत और न ही सीटें होती हैं। ऐसे में दुघर्टना होने पर मरने वालों की संख्या अधिक होती है। यही वजह थी कि कैंटर में 42 बारातियों में से 15 की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर लाल मिट्टी के पास बैंड पर कैंटर चालक ने तकरीबन 40 से 50 की गति से गाड़ी मोड़ी। इतनी गति से बारातियों से भरा कैंटर बैंड पर मुंड़ा, तभी चालक गाड़ी का संतुलन नहीं बना सका। इसी कारण कैंटर के अनियंत्रित होने पर उसमें खड़े सभी बाराती एक तरफ आ गए और झुकाव की वजह से कैंटर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। चूंकि कैंटर की स्पीड 40 से 50 बताई जा रही है, इसलिए उतनी ही स्पीड से पलटने के बाद कैंटर ने दो पलटे खाए। कैंटर की खुली छत थी और उसमें बाराती खड़े थे। जिससे सिर्फ दस फिट की दूरी में कैंटर ने सड़क से दो बार पलटे खाए और इसमें कुछ बाराती कैंटर के नीचे दबे। कुछ छिटककर पेड़ों पर लटके। इसी वजह से सिफ4दस फिट में 15 जाने चली गईं।
