कांग्रेस चार्जशीट की जांच में अब अफसर

शिमला। कांग्रेस चार्जशीट आधार पर जांच की आंच में अब अफसर भी आएंगे। चार्जशीट में पुलिस और राजस्व विभाग के र्कई आला अफसरों को लपेटा है। अब इनके खिलाफ जांच पूरी कर केस दर्ज करने की बारी है।
प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही विजिलेंस को भ्रष्टाचार से संबंधित 50 मामलों की सूची वाली चार्जशीट जांच को सौंपी थी। इनमें 18 मामलों में सरकार ने पहले चरण में प्राथमिकता के आधार पर जांच करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं 18 मामलों में से उक्त तीन मामलों में बिंदल, किशन कपूर और सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन रजिस्ट्रेशन मामला, फोन टैपिंग, बूट घोटाला, पेपर मिल जमीन खरीद घोटाला, बैम्लोई बिल्डर्स, सीएफएल खरीद घोटाला में कई आला अधिकारी भी जांच के दायरे में हैै। विजिलेंस के अनुसार इन मामलों की जांच अंतिम चरणों में है और शीघ्र ही तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नामजद किया जा सकता है। इसके अलावा विजिलेंस की जांच में ईको टूरिज्म स्कीम में घोटाला, अटल यूनिफार्म घोटाला, एंबुलेंस खरीद घोटाला, दो आईएस ऑफिसर व एक आईएफएस ऑफिसर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामलों सहित चार अन्य मामले शामिल हैं। कांग्रेस चार्जशीट के 32 अन्य मामलों को भी विजिलेंस के संबंधित रेंज के जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
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कोई बड़ा ट्रैप केस नहीं पकड़ा
विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले 11 महीने में कोई बड़ा ट्रैप केस तक नहीं पकड़ा है। 10, 12 और 2 हजार के करीब पांच छोटे ट्रैप मामलों के अलावा विजिलेंस ब्यूरो ने किसी बड़े मामले को पकड़ने में सफलता हासिल नहीं की है।

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अधिकारियों ने भी माना
विजिलेंस ब्यूरो के आला अधिकारियों ने भी इस बात को ऑफ द रिकार्ड स्वीकार किया है कि ब्यूरो पर कांग्रेस चार्जशीट आधारित मामलों की जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का दबाव है। हालांकि, किसी भी अधिकारी ने अधिकारिक रूप में इस बात पर कहने से गुरेज किया।

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