‘स्कूल में आम नजर आया गांधी परिवार’

देश दुनिया में अपनी लीडरशिप का लोहा मनवा चुकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को देहरादून के खास स्कूल में आम अभिभावक की तरह नजर आए।

दून स्कूल के 78वें स्थापना दिवस समारोह में सोनिया और राहुल आम श्रोता की तरह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि से लीडरशिप के फार्मूले सुनते रहे। दून स्कूल के रोज बाउल ऑडिटोरियम में पहुंचे सोनिया और राहुल गांधी ने पूरी तसल्ली से करीब तीन घंटे तक कार्यक्रम का आनंद लिया। इस दौरान सबसे पहले स्कूल के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के अध्यक्ष गौरत थापर ने बोर्ड बैठक के फैसले बताए।

उपलब्धियों पर तालियां भी बजाई
इसके बाद स्कूल के हेडमास्टर ने तफ्सील से स्कूल की रिपोर्ट और योजनाएं बताई। इस दौरान सोनिया और राहुल पूरे इत्मीनान से उनकी बातें सुनते हुए स्कूल की उपलब्धियों पर तालियां भी बजाई। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व एयर चीफ मार्शल एफएच मेजर ने सभी छात्रों को लीडरशिप के गुर बताए। उन्होंने कहा कि लीडरशिप जीवन का अहम हिस्सा है।

राहुल गांधी ने भी लीडरशिप के उनके बताए फार्मूलों को इत्मीनान से सुना और तालियां बजाई। राहुल के सादगी भरे सफेद कुर्ते पायजामे ने उन्हें हजारों की भीड़ में अलग बना दिया था। साथ में बैठे अभिभावक ही नहीं, स्कूल के बच्चे भी राहुल की तस्वीर लेने के लिए उत्साहित दिखे। स्टेज के पास की चौथी पंक्ति में आम अभिभावकों के साथ बैठे रेहान वाड्रा के यह अभिभावक पूरे कार्यक्रम में एक श्रोता के तौर पर दिखे।

गांधी परिवार का दून स्कूल से पुराना नाता
दून स्कूल के साथ गांधी परिवार का पुराना नाता रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वेल्हम ब्वायज स्कूल के बाद दून स्कूल से पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1961 में वे ‘ए लेवल’ एजूकेशन के लिए लंदन चले गए। उनके पुत्र व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सेंट कोलंबस स्कूल दिल्ली में अध्ययन के बाद 1983 में दून स्कूल में दाखिला लिया था।

यहां से पासआउट होने के बाद वे ग्रेजुएशन के लिए सेंट स्टीफन कालेज दिल्ली आए। इस बीच जान के खतरे को देखते हुए राहुल गांधी को वर्ष 1989 में हॉवर्ड यूनिवर्सिटी भेज दिया गया। इस समय राहुल गांधी का भांजा और प्रियंका वाड्रा का बेटा रेहान दून स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ रहा है।

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