
धर्मशाला। महंगाई के दौर में सरकारी डिपुओं में सस्ता राशन खत्म हो गया है। इससे जिले की 16 लाख से अधिक आबादी का घरेलू बजट गड़बड़ा गया है। बाजार में घरेलू इस्तेमाल की हर वस्तु की कीमत आसमान पर है। ऐसे में सस्ता राशन लाखों लोगों की जेब को सहारा देता रहा है, लेकिन इसकी कमी के कारण उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई है। यही नहीं खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री जीएस बाली के नगरोटा बगवां हलके में भी सस्ता राशन नहीं मिल रहा है।
जिला कांगड़ा के सरकारी डिपुओं में पीडीएस के तहत उचित मूल्यों की दुकानों में अनुदान पर मिलने वाले अनाज में बीते तीन माह से कटौती जारी है। डिपुओं से सरसों का तेल गायब है। वहीं, लेवी चीनी का कोटा भी कुछेक को ही नसीब हो पाया है। दालों और रिफाइंड तेल की बात करें तो यह भी ब्रेक लगा कर डिपुओं तक पहुंच रहे हैं। कई डिपुओं में इस माह की दालें और सफेद चना भी नहीं आया है। नगरोटा के डिपो होल्डर सुरेश कुमार का कहना है कि सरसों का तेल और मूंग की दाल के अलावा सभी खाद्य वस्तुएं उपलब्ध हैं, जिनकी जनता को समय पर आपूर्ति की जा रही है।
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अप्रैल से चरमराया पीडीएस
अप्रैल 2013 के बाद से सारे प्रदेश में पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) पूरी तरह से चरमरा गया है। जिला कांगड़ा में एक हजार से ऊपर सरकारी राशन के डिपुओं की कार्यप्रणाली पर भी अंगुलियां उठने लगी हैं। जिलाभर के नाममात्र डिपुओं में ही सूचना पट्ट लगे हुए हैं।
डिपो के बाहर राशन की पूरी जानकारी नहीं
जबकि, प्रदेश सरकार ने डिपुओं को बोर्ड लगाने की हिदायत दे रखी है। किसी भी डिपो के बाहर राशन की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। जिला के लोग सरसों के तेल के लिए पिछले तीन माह से डिपुओं के चक्कर लगा-लगा कर थक चुके हैं।
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धर्मशाला में चीनी और सरसों तेल का कोटा गायब
धर्मशाला के डिपुओं में चीनी और सरसों के तेल का कोटा गायब है। सिविल लाइन के डिपो होल्डर राजेश मेहता का कहना है कि सरसों के तेल की सप्लाई नहीं हो पाई है। जबकि, बाकी सप्लाई सुचारु है।
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मूंग और सफेद चना भी नहीं
नूरपुर उपमंडल में सरसों का तेल, चीनी और सफेद चना गायब है। चौगान के डिपो होल्डर अशोक कुमार और नूरपुर मेन बाजार के डिपो होल्डर सतीश कुमार का कहना है कि उनके डिपों में मूंग और सफेद चना भी नहीं है। जबकि, सरसों का तेल पिछले तीन माह से गायब है।
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फतेहपुर में भी यही हाल
फतेहपुर स्थित उचित मूल्य की दुकान की होल्डर संजोगिता का कहना है कि रिफाइंड व सरसों के तेल के अलावा सफेद चना भी नहीं मिल रहा है।
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सरसों के तेल के टेंडर हो गए हैं तथा जल्द ही सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। चीनी का जो कोटा था, वह कुछ डिपुओं में भेज दिया गया है, जबकि और कोटा जल्द ही आ जाएगा।
-एएस तोमर, क्षेत्रीय प्रबंधक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, धर्मशाला
