
धर्मशाला। जिले में सरकार के आदेशों की पालना करना स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी नहीं समझा है। अभी तक अस्पतालों में विभाग के अधिकारी पर्ची ऑडिट ही शुरू नहीं कर पाए हैं। इससे गरीब मरीज अस्पताल में इलाज करवाकर खूब लुट रहे हैं। जिले में आने वाले 11 स्वास्थ्य खंडों के अस्पतालों में पर्ची पर ऑडिट ही नहीं हो पाया है। ऑडिट बीएमओ स्तर की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने करना था, मगर कमेटी के सदस्यों ने अस्पतालाें में जाकर पर्चियां चेक करना जरूरी नहीं समझा है। इस कारण चिकित्सक अस्पतालों में पर्ची पर महंगी दवाइयां लिख रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से भी स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को पर्ची ऑडिट करने के आदेश दिए थे। ऑडिट के जरिये पता लगाया जाना था कि पर्ची पर मरीजों को ब्रांड नेम पर दवाइयां तो नहीं लिखी जा रही हैं। अब पर्ची ऑडिट न होने से स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक गाढ़ी कमाई कर रहे हैं। मगर, गरीब मरीज सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली बेहतर सुविधाओं के चक्कर में लुट रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में नूरपुर ब्लॉक के कुछ अस्पतालों में ऑडिट किया है। बाकी, ब्लॉकों को पर्ची ऑडिट शुरू करने के लिए बीएमओ को निर्देश दिए गए हैं। 11 स्वास्थ्य खंडाें में दर्जनाें छोटे और बड़े स्तर के अस्पताल आते हैं। इन अस्पतालों में गरीब तबके के लोग अपना इलाज करवाने पहुंचते हैं। पर्ची ऑडिट न होने से चिकित्सक अभी भी मरीजों को जेनेरिक दवाइयों के बजाए ब्रांड नेम पर ही दवाइयां लिख रहे हैं। उधर, सीएमओ डा. ध्रुव एस. गुरुंग ने बताया कि 11 स्वास्थ्य खंडों में जल्द ही ऑडिट शुरू होगा। इसके लिए बीएमओ को आदेश कर दिए गए हैं। नूरपुर के कुछेक अस्पतालों में ऑडिट किया जा रहा है। ब्रांड नेम पर दवाइयां लिखने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
