
चंबा। प्रदेश के कॉलेजों में रूसा प्रणाली लागू होने के बाद इन दिनों प्रथम वर्ष की कक्षाओं के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरने की तैयारियां चल रही हैं। विद्यार्थी प्रथम सेमेस्टर के पेपर देने के लिए विषयों का अध्ययन कर रहे हैं, वहीं स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंबा में अभी तक इतिहास विषय की बी सेक्शन की अभी तक एक भी कक्षा नहीं लगी है। कॉलेज में विषय के 300 के करीब विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की चिंता सताने लगी है। उधर, कॉलेज प्रशासन दावा कर रहा है कि इन विद्यार्थियों को दूसरे सेक्शन में कक्षाएं लगाने को कहा गया है। विद्यार्थियों और एससीए पदाधिकारियों का कहना है कि इतिहास विषय के एक प्रवक्ता का पद खाली चल रहा है। इसके चलते तीनों संकायों के इतिहास विषय की बी सेक्शन की कक्षाएं नहीं लग रही हैं। प्रथम सेमेस्टर की वार्षिक प्रेक्टिकल परीक्षाएं पांच से 15 नवंबर तक और लिखित परीक्षाएं 21 नवबंर से प्रस्तावित हैं। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए जल्द कक्षाएं लगाने का प्रावधान करना चाहिए। एससीए अध्यक्ष परमेंद्र ने बताया कि कॉलेज में तृतीय वर्ष में इतिहास विषय के बी सेक्शन में 100 और बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष में 200 के करीब विद्यार्थी हैं और इन सभी की कक्षाएं न लगने के कारण सिलेबस अधूरा पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एक केमिस्ट्री, एक इतिहास, प्रधानाचार्य सहित कुल छह पद खाली चल रहे हैं।
उधर, कॉलेज की कार्यकारी प्राचार्या मंजुला ने बताया कि रिक्त पद को भरने के लिए दो बार साक्षात्कार का आयोजन किया गया था। शिक्षक ने ज्वाइन करने के दूसरे दिन से कॉलेज आना बंद कर दिया है। इतिहास विषय के दोनों सेक्शन के विद्यार्थियों को एक शिक्षक पढ़ा रहा है। कॉलेज प्रशासन समस्या का हल करने के लिए प्रयासरत है।
