
रामपुर बुशहर। एसएफआई ने पीटीए फंड में बढ़ोतरी करने का विरोध जताया है। सोमवार को आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि कॉलेज प्रशासन बार-बार फंड में बढ़ोतरी कर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है। एसएफआई ने चेतावनी दी कि अगर पीटीए फंड बढ़ोतरी के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एसएफआई के रामपुर कॉलेज परिसर अध्यक्ष अर्वन राठौर ने कहा कि बीते सत्र में पीटीए फंड में 40 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी लेकिन अब 60 रुपये और बढ़ाए जाने से पीटीए फंड 200 रुपये हो जाएगा, जो कि छात्र-छात्राओं पर आर्थिक बोझ है। उन्होंने फंड बढ़ोतरी का एससीए की ओर से विरोध न करने पर हैरानी जताई। कहा कि छात्र-छात्राओं ने कॉलेज एससीए में पदाधिकारियों को इसलिए चुना होता है कि वे उनकी समस्याएं हल करें। लेकिन, ऐसा लगता है कि एनएसयूआई समर्थित कॉलेज एससीए को छात्र-छात्राओं की कोई फिक्र नहीं है। बैठक में रूसा प्रणाली के तहत ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की सुविधा कॉलेज में उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। कहा कि साइबर कैफे में एक फार्म भरने के अधिक पैसे लिए जाते हें। अगर कॉलेज में ही सुविधा मिले तो छात्र-छात्राओं को लाभ मिल सकता है। बैठक में बीए द्वितीय और तृतीय वर्ष की नियमित कक्षाएं न लगने पर रोष जताया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर कॉलेज समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 20 अक्तूबर से धरना शुरू किया जाएगा। बैठक में विजय कुमार, रवीना वर्मा, उपेंद्र मेहता, मुकेश, हेमराज, प्रवीण कुमार, राजेश, जय सिंह, श्याम सिंह, अनंत राम आदि मौजूद रहे।
