
मंडी। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की राज्य कमेटी की बैठक में मांगों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्षता यूनियन राज्य उपाध्यक्ष राजकुमारी ने की। जबकि, अन्य पदाधिकारियों सहित सीटू राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। यूनियन ने सरकार से मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को पंजाब की तर्ज पर पांच हजार एवं तीन हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
यूनियन राज्य उपाध्यक्ष ने कहा कि 27 मई को शिमला में रैली के दौरान वेतन मसले पर सरकार को मांग पत्र भी सौंपा था, लेकिन सरकार अभी तक आंगनबाड़ी कर्मियों की इस मांग को पूरा नहीं कर पाई है। राज्य उपाध्यक्ष ने कहा कि 12 नवंबर को यूनियन दोबारा वेतन की मांग को लेकर शिमला में रैली निकालेगी तथा सरकार की अनदेखी के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। इसी बीच यूनियन ने आईसीडीएस के निजीकरण के लिए उसे भविष्य में मिशन के रूप में चलाने के निर्णय का भी कड़ा विरोध किया। राज्य उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रथम चरण में इसके लिए कांगड़ा, हमीरपुर तथा सिरमौर जिलों को चिन्हित किया गया है, लेकिन यूनियन सरकार के इस फैसले का सख्ती से विरोध करती है। मांग की है कि आंगनबाड़ी कर्मचारियाें को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए तथा अन्य विभागीय कर्मचारियाें की तरह वेतन, भत्ते एवं पेंशन की सुविधा मिले। सुपरवाइजराें के रिक्त पड़े पदों को भी भरने की मांग की है। सीटू राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में सुपरवाइजरों के रिक्त पदाें को नहीं भरा। अब वर्तमान सरकार भी इस ओर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। यूनियन ने निर्णय लिया कि 12 दिसंबर को दिल्ली में होने जा रही रैली में प्रत्येक प्रोजेक्ट से कार्यकर्ता भाग लेंगी।
