
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में गिरफ्तार किए गए कथित आरोपी के अलावा खरीददारों पर भी गाज गिरने वाली है। मोटी रकम देकर सर्टिफिकेट खरीदने वालों को भी पुलिस जांच के दायरे में शामिल करने जा रही है। वहीं, फर्जी सर्टिफिकेट के दम पर सरकारी और गैर सरकारी नौकरी पर जमकर बैठे ऐसे लोगों की नौकरी भी खतरे में पड़ गई है। पुलिस ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं।
बुधवार को फर्जी सर्टिफिकेट का पर्दाफाश करते हुए घुमारवीं पुलिस ने शिक्षण संस्थान चलाने वाले धर्म सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में 58 सर्टिफिकेट भी बरामद किए हैं। संस्थान से मिले दस्तावेजों की छानबीन के बाद अब सर्टिफिकेट हासिल करने वालों की लिस्ट तैयार की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में फर्जी सर्टिफिकेट के दम पर नौकरी करने वालों पर भी आफत आएगी। हालांकि, अभी तक पुलिस ने स्पष्ट नहीं किया है कि कितने लोग नौकरी कर रहे हैं। पुलिस इस बिंदु को ध्यान में रखते हुए भी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक बरामद हुए 58 सर्टिफिकेट के आधार पर इन्हें हासिल करने वालों का पता लगाया जा रहा है। डीएसपी अंजनी जसवाल ने बताया कि पुलिस की जांच सही दिशा में जा रही है। जल्द इस मामले में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। सर्टिफिकेट खरीदने वालों से भी पूछताछ की जाएगी। फर्जी सर्टिफिकेट मामले में खरीददार भी दायरे में आ सकते हैं। लेकिन, उनकी क्या इंटेशन थी, इसको भी देखा जाएगा।
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आरोपी को दिल्ली लेकर नहीं गई पुलिस
घुमारवीं (बिलासपुर)। फर्जी सर्टिफिकेट के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को अभी तक पुलिस दिल्ली लेकर नहीं गई है। हालांकि पुलिस ने दिल्ली के एक बोर्ड से संबंधित मामले की छानबीन वहां जाकर करने की बात कही थी। लेकिन अभी तक स्थानीय स्तर पर ही जांच चल रही है।
