
मंडी। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ जिला इकाई की बैठक में विभिन्न मांगों पर गहन विचार विमर्श किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला मंडी में आयोजित मीटिंग की अध्यक्षता जिला प्रधान अशोक ठाकुर ने की। संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राध्यापकों का पदोन्नति कोटा संख्या के आधार पर किया जाए। वर्तमान में 16531 प्रवक्ता शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। जबकि, मुख्याध्यापकों की संख्या 848 है, जोकि तर्क संगत नहीं है।
संघ के प्रेस सचिव प्रदीप चौहान ने बताया कि बैठक में प्राध्यापकों की मांगों पर चर्चा की गई। संघ ने स्कूली प्राध्यापकों का पद नाम पहले की तरह लेक्चरर रखने का आग्रह किया। पीजीटी पदनाम प्राध्यापकों को मंजूर नहीं है। प्राध्यापकों ने 4-9-14 के लाभ शीघ्र जारी करने, जमा-दो स्कूलों में कार्यरत वरिष्ठ प्राध्यापकों को उप प्रधानाचार्य का पद नाम देने, प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में खाली पड़े प्रधानाचार्यों के पदों को प्राध्यापक वर्ग से भरने की मांग की गई। संघ का कहना है कि लंबे समय से प्राध्यापक पदोन्नति लाभ का इंतजार कर रहे हैं।
संघ के जिला प्रधान अशोक ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में प्रधानाचार्य के 376 पद तथा शिक्षा उप निदेशकों के 18 पद खाली हैं। संघ ने शिक्षा विभाग से आठ साल पूरा कर चुके पैरा प्राध्यापकों को शीघ्र नियमित करने की मांग की है। कमीशन से अनुबंध पर नियुक्त प्राध्यापकों को पंजाब की तर्ज पर तीन वर्ष की सेवाकाल के पश्चात नियमित करने और वित्तीय लाभ देने, यूजीसी की शर्तें पूरी करने पर स्कूली प्राध्यापकों को कालेज कैडर में पदोन्नति के अवसर देने की मांग की है। मीटिंग में राज्य सचिव राजेंद्र ठाकुर, राज्य सलाहकार कृष्ण चंद, जिला सचिव ललित धरवाल, राजेश चंदा, तिलक राज, रमेश गुप्ता, गिरीश धरवाल, कर्म सिंह आदि मौजूद रहे।
