धारा 144 में भजन संध्या की स्वीकृति पर सवाल!

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्वप्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में चल रहे शारदीय नवरात्र के दौरान जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 में श्रद्धालुओं को नवरात्र के दौरान भजन संध्या की अनुमति देना अपने आप में एक सवाल खड़ा कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक मंदिर ज्वालाजी के इतिहास में नवरात्र के दौरान धारा 144 हर बार लगाई जाती रही है, ताकि शांतिपूर्वक नवरात्र संपन्न हो सकें। नवरात्र में इस धारा के लगने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ एक जगह इकट्ठी भी नहीं हो सकती और अस्त्र-शस्त्र पर भी पूर्णतय: प्रतिबंध रहता है। साथ ही मंदिर में अकसर होने वाले भजन संध्या के कार्यक्रमों को नवरात्र में कभी भी अनुमति नहीं दी जाती है। लेकिन इस बार पंजाब के श्रद्धालु भजन संध्या का आयोजन जिला मंदिर प्रशासन से स्वीकृति लेकर करवाने का दावा कर रहे हैं। भजन संध्या में बजने वाले ढोल व अत्याधुनिक साउंड सिस्टम मंदिर में लगाने की अनुमति के बाद शहर में भजन संध्या की स्वीकृति चरचा का विषय बन गई है कि मंदिर प्रशासन कैसे नवरात्र में इसे स्वीकृति दे रहा है।
वहीं मंदिर ट्रस्ट प्रधान दिव्यांशु भूषण, सुरेंद्र काकू, भवानी दत्त, वेनी माधव, पवन शर्मा, संजीव सूद, पार्वती शर्मा, प्रेमानंद, धर्मपाल का संयुक्त वक्तव्य में कहना है कि नवरात्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भजन संध्या की अनुमति देना सही नहीं है। इससे धारा 144 का उल्लंघन हो रहा है। नवरात्र में ऐसा आयोजन नहीं होना चाहिए।

जिला प्रशासन से ली अनुमति : शर्मा
मंदिर अधिकारी सुरिंद्र शर्मा का कहना है कि श्रद्धालुओं ने जिला स्तर पर मंदिर में भजन संध्या करने की स्वीकृति प्राप्त की है। इसलिए मंदिर में श्रद्धालुओं को भजन संध्या करने के लिए हरसंभव सुविधा मुहैया करवाई गई है।

Related posts