
लडभड़ोल (मंडी)। साल भर लाखों रुपये का चढ़ावा होने के बावजूद सिमसा माता मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए उचित सविधा मुहैया नहीं हो सकी हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगे नल का पानी सीढ़ियों पर गिर रहा है। इससे श्रद्धालुओं के गिरकर घायल होने का अंदेशा बना हुआ है। दूसरी ओर महिलाओं के लिए बने स्नानागार में मंदिर कमेटी दरवाजे नहीं लगवा पाई है।
बैजनाथ से आई महिला ममता, रीता, चढियार से आई सुदर्शना,चंडीगढ़ की सुनीता, सारिका ने बताया कि जब वे स्नान करने के लिए माता की बावड़ी में गई तो वहां बने दो स्नानागारों में दरवाजे ही नहीं हैं। बिजली का कोई प्रबंध ही नहीं है। मंदिर में आए श्रद्धालुओं अमन, राजमल, रिखीराम, सुखदेव शर्मा, रंजन गोयल, राम कुमार का कहना है कि मंदिर की सीढ़ियों पर नल का पानी फैल रहा है। इससे किसी दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। अमन ने बताया कि जब वह हाथ धो रहे थे तो अचानक फिसल गए। मंदिर कमेटी के प्रधान रंगीला राम का कहना है कि शरारती तत्व दरवाजे तोड़ देते हैं। इसलिए दरवाजे नहीं लगाए गए हैं। सीढ़ियों के पास से नलका हटा दिया जाएगा। सिमस युवक मंडल के प्रधान रमेश जसवाल ने बताया कि नल हटाने और दरवाजे लगाने के लिए मंदिर कमेटी से कई बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कमेटी व्यवस्था में सुधार नहीं कर रही है।
