शिक्षा के व्यापारीकरण का विरोध करेगी एसएफआई

मंडी। एसएफआई इकाई मंडी का 32वां जिला सम्मेलन शनिवार को तारा चंद भवन में आयोजित किया गया। अध्यक्षता पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। इसमें अश्वनी, रविंद्र सिंह, संजीव, विवेक और गायत्री मौजूद रहे।
शनिवार को सम्मेलन का शुभारंभ एसफआई के जिला संस्थापक एवं सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने किया। एसएफआई कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लागू की जा रही शिक्षा नीति से आज शिक्षा का व्यापारीकरण और केंद्रीयकरण बढ़ रहा है। उच्च शिक्षा महंगी हो रही है। दस प्रतिशत विद्यार्थी ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार की ओर से रूसा प्रणाली लागू कर गरीब एवं ग्रामीण परिवेश से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित कर दिया है। जबकि, सरकार शिक्षा के खर्चे में लगातार कटौती कर रही है। निजी संस्थानों को शिक्षा के नाम पर विद्यार्थियों को लूटने की खुली छूट दी जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं एसएफआई कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि शिक्षा के व्यापारीकरण के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। एसएफआई के केंद्रीय कमेटी सदस्य सुरेश सरवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व भाजपा कार्यकाल में प्रदेश भर में 20 निजी विश्वविद्यालय खोले गए। जहां पर शिक्षा के नाम पर छात्रों को लूटा जा रहा है। सरकारों की विद्यार्थी विरोधी नीतियों से आज छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो गए हैं।
सम्मेलन में एसएफआई के पूर्व राज्य सचिव महेंद्र राणा, पूर्व राज्य उपाध्यक्ष रविकांत, जिला सचिव गोपाल कृष्ण, प्रधान अश्वनी कुमार, राज्य सदस्य एवं जिला महासचिव संजय जम्वाल, जिला प्रधान सुनील बरवाल ने भी अपने विचार रखे।

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