
शिमला। प्रदेश में शिक्षकों की जेसीसी होने की उम्मीद बंधने लगी है। हिमाचल राजकीय अध्यापक यूनियन ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मांग को उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांग पर शीघ्र बैठकर बुलाने पर विचार किया जाएगा। यूनियन ने सीएम को 35 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें 10 ज्वलंत समस्याओं को शीघ्र निपटाने के लिए ज्ञापन अलग से सौंपा। यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को दिसंबर से करवाने के फैसले को अगले साल से लागू करने की मांग की गई। युक्तिकरण प्रक्रिया को सत्र के शुरू में लागू किया जाए। यूनियन के निदेशालय में दफ्तर देने, अधिसूचनाओं को अध्यक्ष को देने, पैरा शिक्षकों को आठ साल में नियमित करने, अनुबंध शिक्षकों को पांच साल में नियमित करने सहित अन्य मांगों को उठाया गया। इसके अलावा यूनियन ने सरकार से मांग की है कि अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर शिक्षकों के लिए अलग से जेसीसी की व्यवस्था की जाए। शिक्षक छात्र अनुपात 1:40 करने, आयु सीमा को 60 साल करने, मुख्याध्यापकों के स्वीकृत 236 पदों को तुरंत भरने आदि मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। इससे पहले यूनियन का प्रतिनिधिमंडल प्रधान सचिव शिक्षा और शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बुराथोकी से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंपा गया।
