
रुद्रप्रयाग। जून में आई आपदा ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ कर रख दी है। आपदा से रुद्रप्रयाग-जवाड़ी बाईपास मोटर मार्ग और पुल ध्वस्त हो गए थे, जिससे मुख्य बाजार से वाहनों की आवाजाही होने से आए दिन जाम लग रहा है।
रुद्रप्रयाग-जवाड़ी बाईपास बदरीनाथ राजमार्ग के रैतोली छोर से केदारनाथ राजमार्ग के जागतोली छोर को जोड़ता है। आपदा से पूर्व चमोली की ओर से आने वाले वाहन बाजार में प्रवेश करने के बजाय बाईपास के जरिए सीधे रैतोली निकलते थे। जून की बाढ़ में रैतोली की ओर का वैली ब्रिज बह गया। साथ ही वन विभाग परिसर के नीचे और उत्यासू गांव के समीप मार्ग ध्वस्त हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में लिंक मोटर मार्गों के खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है।
एडीएम ने किया निरीक्षण
जवाड़ी बाईपास मोटर मार्ग के ध्वस्त होने से जवाड़ी और उत्यासू गांव के लोगाें और स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है। सड़क होने से लोगों को करीब एक किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वन विभाग परिसर के नीचे लगभग 70 मीटर पैच में सड़क पूर्ण रूप से ध्वस्त है, लेकिन वन विभाग की हठधर्मिता के कारण बीआरओ मार्ग खोलने के लिए हिल कटिंग नहीं कर पा रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष किशोरी नंदन डोभाल की शिकायत पर एडीएम राघव लंघर ने बीआरओ और वन विभाग के अफसरों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बीआरओ को शीघ्र मार्ग के पुनर्निर्माण के निर्देश दिए।
बीआरओ को छोटे वाहनों के चलने लायक मार्ग निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। बाईपास के पूर्ण रूप से चालू होने का सवाल है, अभी रैतोली की ओर पुल का निर्माण चल रहा है। पुल बनने के बाद पुन: वाहन यहीं से चलने लगेंगे।
-राघव लंघर, एडीएम
जहां सड़क ध्वस्त हुई है, वहां सर्वेक्षण चल रहा है कि हमारी जमीन कहां तक है। सर्वेक्षण के बाद कटिंग की जाएगी। -अमरेंद्र कुमार, कमान अधिकारी बीआरओ
