दौड़ लगाकर बताया सेहत का राज

युवा सेवाएं एवं खेल विभाग ने निजी संस्था के साथ मिलकर हाफ मैराथन का आयोजन किया। इस मैराथन में विभिन्न राज्यों से हर आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। इन लोगों ने पहाड़ पर दौड़ लगाने के अनुभव और स्वास्थ्य के राज को ‘अमर उजाला’ के साथ साझा किया।
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जुनून खींच लाया शिमला
नोएडा के आशीष कुमार पूनिया और इनकी पत्नी नीलम पूनिया ने कहा कि इस तरह के आयोजनों में हिस्सा लेने का शौक है। यही शौक शिमला खींच लाया। दोनों ने क्रमश: 24 और 13 किलोमीटर की दौड़ पूरी की।

‘रनिंग करो और स्वस्थ रहो’
चंडीगढ़ के 69 साल के तृप्त सिंह ने पूरे जोश के साथ 24 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर मेडल हासिल किया। तृत्प सिंह ने कहा कि उनकी सेहत का एक ही गुरमंत्र है। ‘रनिंग करो और जिंदगी भर स्वस्थ रहो’।

कई मुकाबलों में ले चुका हूं हिस्सा
हरियाणा भिवानी के पेशे से किसान कंवलजीत सिंह ने कहा कि दौड़ में हिस्सा लेने का जुनून है। शिमला की वादियां भी उन्हें यहां खींच लाईं। उन्होंने कहा कि इससे पहले हैदराबाद, बैंगलोर में मैराथन में हिस्सा ले चुके हैं।

खुद को रोक नहीं पाया मुंबई का दंपति
मुंबई की भारती और उनके पति नारायण को जैसे हाफ मैराथन आयोजन का पता चला, वे शिमला आने से खुद को नहीं रोक पाए। दोनों ने 21 किलोमीटर की दौड़ को पूरा किया और शिमला को भी निहारा।

जवान छुट्टी लेकर पहुंचा शिमला
सीआरपीएफ के जवान पवनेंद्र ने दिल्ली में छुट्टी लेकर इस दौड़ में हिस्सा लिया। इन्होंने कम से कम समय में 21 किलोमीटर की दौड़ को पूरा किया। पवनेंद्र सीआरपीएफ में भी खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते आए हैं।

अव्यवस्था से आहत हैं संजीव
जालंधर से दौड़ में हिस्सा लेने आए संजीव अव्यवस्था को देखकर मायूस नजर आए। संजीव का आरोप है कि जो सर्टिफिकेट दिए गए, उनमें हाथ से गलतियां सुधारी गईं। एंट्री पर हुई यह दौड़ सिर्फ एक ड्रामा ही साबित हुई।

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