
बिलासपुर। डोगरा रेजिमेंट की भर्ती के दौरान तमाम व्यवस्थाओं की भी पोल खुल गई है। सुरक्षा के लिए को कड़े प्रबंध किए जाने चाहिए थे, वह कहीं नहीं थे। डोगरा रेजिमेंट ने पहले ही पुलिस जवानों की तैनाती की मांग की थी। मौके पर पुलिस के जवान भी काफी संख्या में मौजूद थे। बावजूद इसके भर्ती को आए बालकों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधों में खामियां साफ झलकती रहीं। गोबिंदसागर में बालकों ने तैराकी का जमकर लुत्फ उठाया, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। सागर के बीचों बीच स्थित बिजली के पोल पर चढ़कर बच्चे अठखेलियां करते हुए देखे गए। उधर, भर्ती में बालक ट्रकों में सवार होकर तक पहुंचे। ट्रक में ही वह वापस लौट गए। लेकिन, किसी ने इस पर कार्रवाई नहीं की।
डोगरा रेजिमेंट में भर्ती को क्रेजी हुए युवाओं ने गोबिंदसागर में तैराकी का भी लुत्फ लिया। लुहणू मैदान के एक छोर पर भर्ती प्रक्रिया होती रही तो दूसरे छोर पर सागर में बच्चे नहाते हुए दिखे। रविवार को बिलासपुर के ऐतिहासिक लुहणू मैदान में डोगरा रेजिमेंट फैजाबाद की ओर से खेल कोटे में ब्वायज स्पोर्ट्स कंपनी के लिए ट्रायल लिए गए। भर्ती को पहुंचे बालकों ने मैदान के एक कोने में जाकर अपनी गर्मी दूर करने के लिए गोबिंदसागर के पानी का सहारा लिया। दिनभर बच्चे वहां तैराकी के करतब दिखाते रहे। हैरत यह है कि चंद कदम दूर पुलिस जवान तैनात थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से किसी ने नहीं रोका। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेवारी लें। सौभाग्य यह रहा कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ। उधर, एसपी कपिल शर्मा ने कहा कि बालकों के अभिभावक भी साथ आए थे। वहां तमाम इंतजाम किए गए हैं। थानों के अलावा 40 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।
बोट चालकों ने कूटी चांदी
बिलासपुर। डोगरा रेजिमेंट की भर्ती के कारण आज बोट चालकों ने भी खूब चांदी कूटी। किश्ती पर सवार होकर सागर में सैर सपाटे को बालकों ने जमकर लुत्फ लिया। दिनभर बोट भरी रही। बालक बोट की सवारी का लुत्फ लेते रहे। गोबिंदसागर के उस पार बसे क्षेत्रों के बालक बोट में सवार होकर ही भर्ती में भाग लेने के लिए आए।
