
धर्मशाला। डिपो के माध्यम से मिलने वाले सरसों और रिफाइंड तेल के लिए उपभोक्ताओं को अभी और इंतजार करना होगा। खाद्य तेल के लिए अभी तक टेंडर नहीं हो पाए हैं। टेंडर होने के बाद ही खाद्य तेल की आपूर्ति डिपुआें में होनी है। टेंडर होने में एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है। इसके बाद सप्लायर के माध्यम से तेल की आपूर्ति डिपुओं में होनी है।
अगस्त माह का तेल का कोटा न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को अतिरिक्त पैसा खर्च कर तेल खरीदना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीपीएल और एपीएल परिवारों को पेश आ रही है। प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी हालात ऐसेे ही बने हुए हैं। यहां पर भी खाद्य तेल उपभोक्ताओं को दुकानों से खरीदना पड़ रहा है। अगस्त माह का कोटा सितंबर में नहीं मिल पाया है। सितंबर माह का कोटा भी अक्तूबर माह में मिलने की संभावना कम है। हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के सूत्रों के अनुसार टेंडर होने में समय लग सकता है। टेंडर करवाने के लिए अभी तिथि भी निश्चित नहीं की गई है। टेंडर जल्द नहीं होते हैं तो तेल की आपूर्ति नवंबर माह में होगी। उपभोक्ता हर रोज तेल के लिए डिपुओं के चक्कर लगा रहे हैं, मगर उन्हें निराश होकर ही लौटना पड़ रहा है।
110 रुपये में पड़ रहा तेल
कांगड़ा जिला के 4 लाख उपभोक्ता बाजार से 110 रुपये किलो के हिसाब से खाद्य तेल खरीद रहे हैं। जिला के लिए हर माह 7 लाख लीटर सरसों और रिफाइंड तेल की डिमांड रहती है। टेंडर न होने के कारण उपभोक्ताओं को अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
टेंडर आमंत्रित किए गए : तोमर
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एएस तोमर ने बताया कि सरसों और रिफाइंड तेल के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। टेंडर होने के बाद तमाम डिपुओं में तेल की आपूर्ति कर दी जाएगी।
