
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के रोहिणी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दागी जन प्रतिनिधियों को बचाने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा पारित अध्यादेश को बकवास करार देकर पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पगड़ी उछाल दी है।
मोदी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारतीय और पाकिस्तानी पत्रकारों के समक्ष भारतीय प्रधानमंत्री की तुलना एक देहाती औरत से की। मोदी ने कहा कि मनमोहन सिंह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपने देश की शिकायत करते हैं।
मोदी ने कहा कि शरीफ को भारतीय प्रधानमंत्री का अपमान करने की ताकत इसलिए मिली, क्योंकि भारत में कांग्रेस के नेता ही उनका सम्मान नहीं करते हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत अध्यादेश को ‘नॉनसेंस’ (बकवास) बताकर देश के प्रधानमंत्री की पगड़ी उछाल दी है। उनकी इज्जत को मिट्टी में मिला दिया है। मोदी ने इस बात पर भी शक जाहिर किया कि मनमोहन सिंह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सामने अपना पक्ष खुलकर रख पाएंगे भी या नहीं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए मोदी ने उनको शाहजादा करार दिया। मोदी ने कहा कि वह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान नहीं करते हैं और अपनी मनमर्जी को थोपने का प्रयास करते हैं। मोदी ने कहा कि सरकार के पास किसी भी क्षेत्र में कोई भी सपना नहीं है।
दिल्ली की CM को सुबह-शाम केवल फीता काटने के अलावा कोई काम नहीं
मोदी ने कहा कि दिल्ली में एक कांग्रेस की सरकार है, उस सरकार में एक मां की सरकार है एक बेटे की सरकार है। नई दिल्ली में संप्रग की सरकार है, उसमें भी मां की सरकार है बेटे की सरकार है और दामाद की सरकार है। इतना ही नहीं गठबंधन सरकार के हर घटक का नेता अपने दल के भीतर प्रधानमंत्री है। सरकार का हर विभाग एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा है।
मोदी ने कहा कि गठबंधन सरकार अंकगणित से बनती है, लेकिन केमिस्ट्री से चलती है। केमिस्ट्री के बगैर गठबंधन सरकारें निर्वाचित लोगों का जमघट बनकर रह जाती हैं। सरकार के लोग एक साथ तो हैं, लेकिन साथ-साथ नहीं हैं। संप्रग सरकार में सामंजस्य की कमी है। सभी अपनी अलग-अलग राह पर चल रहे हैं।
मोदी ने कहा कि देश में सबसे सुखी मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार का है। उनको सुबह-शाम केवल फीता काटने के अलावा कोई काम नहीं है। उनको न तो सिंचाई की व्यवस्था देखनी है, न कृषि की और न ही कानून या सड़क की जिम्मेदारी है। इतना ही नहीं जब दिल्ली में दुष्कर्म की घटनाए घटती हैं तो मुख्यमंत्री कहती हैं कि उनको बहुत दुख है क्योंकि वह भी एक मां हैं। मां के नाते वह सलाह देती हैं कि शाम को जल्दी घर लौट आओ। ये बात कोई भी मां-बाप कह सकता है। मुख्यमंत्री के नाते आपकी कोई जिम्मेदारी है या नहीं।
राष्ट्रमंडल घोटाले ने देश की इज्जत लूटी
मोदी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में हुए घोटाले में केवल पैसे की लूट नहीं हुई, वरन इसने देश की इज्जत को भी लूट लिया। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण हिंदुस्तान के नौजवानों के भविष्य के लिए संकट पैदा हो गया है। राष्ट्रमंडल खेल घोटाले ने देश के अगले 20 वर्षों के भाग्य पर ताला लगा दिया है।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को भ्रष्टाचार की लत लग गई है। संप्रग सरकार केवल गांधी भक्ति में डूबी हुई है और उसकी यह गांधी भक्ति बहुत विचित्र है। सरकार केवल एक हजार के नोटों की भक्ति कर रही है। उसकी वसूली टनों के हिसाब से हो रही है। बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा है।
मोदी ने कहा कि देश सुशासन के लिए तरस रहा है। कुशासन मधुमेह के समान है। एक बार मधुमेह का प्रवेश शरीर में होने पर बाद में कई और बीमारियां भी शरीर में प्रवेश करने लगती हैं। मोदी ने कहा कि दुनिया में केवल भारत ही पीछे जा रहा है और सवा अरब की आबादी वाला देश उपहास का पात्र बन गया है। मोदी ने बिलजी, सड़क, रेल और उड्डयन क्षेत्र में भी विकास नहीं होने पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के घर में भी जेनरेटर लगाने पड़ रहे हैं।
